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मां बनी ‘कसाई’, 8 साल की बेटी को ट्रेन के आगे फेंका; पति की मौत के बाद मिली थी सरकारी नौकरी

नर्मदापुरम। दूसरी शादी के लिए नर्मदापुरम में एक मां कसाई बन गई है। आठ साल की बच्ची को तमिलनाडु एक्सप्रेस के सामने नर्मदापुरम स्टेशन पर फेंक दी थी। बच्ची उसमें गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल. . .

नर्मदापुरम। दूसरी शादी के लिए नर्मदापुरम में एक मां कसाई बन गई है। आठ साल की बच्ची को तमिलनाडु एक्सप्रेस के सामने नर्मदापुरम स्टेशन पर फेंक दी थी। बच्ची उसमें गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 13 दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद वह हार गई। इसके बाद पुलिस ने मां पर हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

17 मार्च को घटी थी यह घटना

दरअसल, 17 मार्च 2026 को अंजू राजपूत नाम की महिला स्टेशन पर अपनी आठ वर्षीय बच्ची को लेकर करीब तीन घंटे तक भटकती रही। रात को करीब आठ बजे तमिलनाडु एक्सप्रेस स्टेशन पर आई तो अंजू राजपूत ने अपनी मासूम बेटी को ट्रेन के आगे फेंक दिया। यह देखकर वहां अफरातफरी मच गई। जीआरपी और यात्री मौके पर पहुंचे।

घायल बच्ची को अस्पताल में कराया गया भर्ती

घटना प्लेटफॉर्म नंबर एक की थी। बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी स्थिति नाजुक देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया। भोपाल में उसका इलाज चल रहा था। मगर शरीर के कई अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। 30 मार्च को करीब 13 दिन बाद बच्ची की मौत हो गई है।

पुलिस ने मां को किया गिरफ्तार

बच्ची के घायल होने के बाज रेल पुलिस ने महिला के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। मौत के बाद हत्या का मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस दौरन उसके साथ परिजन भी नहीं दिखे।
पहले पति की मौत के बाद अंजू को अनुकंपा पर कृषि विभाग में नौकरी मिली थी। उसकी एक आठ साल की बच्ची थी। अब वह दूसरी शादी करना चाहती थी। बच्ची को रास्ते से हटाने के लिए उसने ऐसा किया है।

दूसरी शादी के लिए ली बच्ची की जान

रेल पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी मिली कि बच्ची की मां अंजू राजपूत ने उसे ट्रेन के आगे धक्का दिया था। पुलिस के अनुसार अंजू दूसरी शादी करना चाहती थी। दूसरी शादी में बच्ची उसकी राह में रोड़ा थी। इसलिए उसे मार दिया। इससे पहले भी उसने कई बार कोशिश की थी लेकिन ऐसा करने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाई।

पहले भी बेटी को स्टेशन लेकर जा चुकी है अंजू

हैरानी की बात यह भी है कि अंजू कई बार अपनी बेटी को रेलवे स्टेशन लेकर गई लेकिन हर बार खुद को रोक लिया। लेकिन 17 मार्च की रात उसने अपनी ममता को ही कुचलते हुए यह खौफनाक कदम उठा लिया। पहले उसने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

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