Home » लेटेस्ट » मुख्यमंत्री ममता ने राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की, कहा – एक समुदाय के 30% लोग छोटी-सी बात पर सड़क पर बैठ जाते हैं

मुख्यमंत्री ममता ने राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की, कहा – एक समुदाय के 30% लोग छोटी-सी बात पर सड़क पर बैठ जाते हैं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वाटगंज के दईघाट इलाके में. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वाटगंज के दईघाट इलाके में एक नए श्मशान के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सतर्क रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बंगाल में कुछ लोग अशांति फैलाना चाहते हैं। आपको सतर्क रहना होगा। चुनाव के फायदे के लिए कुछ लोग तनाव पैदा करते हैं, लेकिन बंगाल शांति चाहता है। सभी को ठंडे दिमाग से काम करना चाहिए।”
उन्होंने समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर हमारे यहां 30 प्रतिशत किसी दूसरे समुदाय के लोग हों और जरा-सी बात पर झगड़ा हो जाए, तो रोज सड़क जाम कर देंगे, धरने पर बैठ जाएंगे। मेरी जान हलक में आ जाएगी, काम करना मुश्किल हो जाएगा। इसी तरह 26 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 6 प्रतिशत आदिवासी समुदाय भी हैं। आदिवासियों के साथ अगर कोई छोटी घटना हो जाए तो ट्रेन रोक दी जाती है। मैं ऐसा नहीं चाहती। मैं चाहती हूं कि सभी अपने-अपने तरीके से शांति से रहें, कोई किसी के मामले में दखल न दे।”

कुछ लोग वोट के लिए अशांति फैलाना चाहते हैं

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “कुछ लोग वोट के लिए अशांति फैलाना चाहते हैं, लेकिन मुझे तो साल के 365 दिन यहां रहना होता है। इसलिए जरूरी है कि आप और आपके परिवार शांति से रहें। किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है, ठंडे दिमाग से काम करें।”
मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीएम नेता कलतान दासगुप्ता ने कहा, “अगर पुलिस-प्रशासन तृणमूल को देखकर टेबल के नीचे छिप जाए, तो अशांति फैलाने वालों को कौन रोकेगा? जब भाजपा नेता गली-मोहल्लों में धर्म और जाति की राजनीति करने को तैयार हों और उसमें तृणमूल के नेता भी शामिल हों, तो फिर कौन किसे रोकेगा?”

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम