मुंबई । ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच सीजफायर हो गया है, जिसके नतीजे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की खबर से तेल के दाम गिर गए हैं और भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी दिख रही है।
दोपहर एक बजे Sensex 2,855.13 अंक या 3.83 प्रतिशत बढ़कर 77,471.71 पर पहुंच गया, और Nifty 854.40 अंक या 3.69 प्रतिशत बढ़कर 23,978.05 पर पहुंच गया। करीब 3596 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 391 शेयरों में गिरावट आई और 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल 2026 की मौद्रिक नीति के फैसले की घोषणा कर दी, जिसमें रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया। संभावना जताई जा रही थी कि इस बार भी दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। फिलहाल रेपो रेट 5.25 फीसदी रहेगी।
दोपहर 1 बजे कैसा है बाजार
दोपहर एक बजे Sensex 2,855.13 अंक या 3.83 प्रतिशत बढ़कर 77,471.71 पर पहुंच गया, और Nifty 854.40 अंक या 3.69 प्रतिशत बढ़कर 23,978.05 पर पहुंच गया। करीब 3596 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 391 शेयरों में गिरावट आई और 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
रुपया दिन के उच्चतम स्तर पर
भारतीय रुपया मंगलवार के 93 के बंद भाव के मुकाबले 92.60 प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है।
बैंकिंग सेक्टर में भी शानदार तेजी
बैंकिंग सेक्टर में भी शानदार तेजी देखने को मिली। बैंक निफ्टी एक समय 55,315.50 अंक तक पहुंच गया, जो पिछले सत्र से लगभग 2600 अंक ज्यादा है।
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा लाभ वाले शेयरों में टाटा मोटर्स (11.3%), इंडिगो (करीब 9%), अदानी ग्रीन (8.5% से अधिक), चोला फाइनेंस (लगभग 8.5%) और मदरसन (8.5%) शामिल रहे।
दूसरी ओर, नुकसान झेलने वाले शेयरों में कोल इंडिया (करीब 2.7% गिरावट), ओएनजीसी (3%), टेक महिंद्रा (1.3%) और डीमार्ट (0.8%) शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार की शुरुआती तेजी से निवेशकों को करीब 13 ट्रिलियन रुपये का फायदा हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप बढ़कर 442 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया है।
इस तेजी के बीच बाजार का वोलाटिलिटी इंडेक्स 19% गिरकर 19.88 पर आ गया है, जो निवेशकों के लिए राहत का संकेत है।मुद्रा बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 36 पैसे मजबूत होकर 92.64 पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 5.4% चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 2.81% ऊपर रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 16% गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई, जबकि डब्ल्यूटीआई करीब 95 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धविराम और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक बाजारों में स्थिरता आएगी, जिसका सीधा फायदा भारतीय शेयर बाजार को मिल रहा है।
ईरान सीजफायर के बाद ऑस्ट्रेलियाई शेयर पीक पर बंद हुए
S&P/ASX 200 इंडेक्स 2.6% बढ़कर 8,951.80 पर बंद हुआ। यह 3 मार्च के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर था और एक साल में इसकी सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त थी, जिससे साल-दर-तारीख बढ़त 2.7% तक पहुंच गई।
ऑस्ट्रेलियाई शेयर, जो मार्च में लगभग 8% गिरे थे, एक वैश्विक राहत रैली में शामिल हो गए। ऐसा तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष-विराम पर सहमत हुए और तेहरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन संभव होगा, जिससे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे आ गईं।