नई दिल्ली। भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। विनेश ने 53 किलोग्राम भारवर्ग में स्वीडेन की एम्मा जोना मालमग्रेन को हराकर प्रतियोगिता में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान होने का रिकॉर्ड बनाया है। विनेश ने 2019 में कजाकिस्तान की पहलवान नूर सुल्तान को हराकर कांस्य पदक जीता था। क्लालीफिकेशन राउंड में हारने के बाद विनेश फोगाट ने शानदार वापसी की है। फोगाट ने 53 किलोग्राम कैटेगरी में स्वीडेन की पहलवान को हराकर कांस्य पदक जीती है।
कैसा रहा विनेश का सफर
विनेश फोगाट ने पहले मुकाबले में 2022 की एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाली विजेता से हार गई थीं। तब मंगोलिया की रहने वाली खुलन बटखुयाग से हारने के बाद विनेश ने रेपचेज दौर के माध्यम से कांस्य पदक प्ले ऑफ में जगह पक्की कर ली। इसके बाद विनेश ने कोई मौका नहीं गंवाया और आखिरकार कांस्य पदक जीतकर ही दम लिया।
क्वालीफिकेशन राउंड के बाद की वापसी
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली विनेश फोगाट को क्वालीफिकेशन राउंड में हार का सामना करना पड़ा था। तब लगा कि भारत की चुनौती खत्म सी हो गई है। क्वालीफिकेशन राउंड में उन्हें मंगोलिया की पहलवान ने 7-0 से करारी शिकस्त दी थी। लेकिन दूसरे राउंड में विनेश ने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने स्वीडेन की पहलवान को 8-0 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया।
कॉमनवेल्थ की गोल्ड मेडलिस्ट
विनेश फोगाट ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता था। टोक्यो ओलंपिक में वे बढ़िया प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं। हालांकि विनेश फोगाट का अगला लक्ष्य 2014 में पेरिस ओलंपिक है। जहां वे फिर से देश के लिए सोना जीत सकती हैं। विनेश फोगाट भी कह चुकी हैं कि पेरिस ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश करेंगी। वहीं उनके फैंस भी यही उम्मीद करते हैं।
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