सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी में बीती रात तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाको में हालात गंभीर हो गए। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ और कुछ स्थानों पर बिजली सेवा भी प्रभावित रही। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात बढ़ने के साथ-साथ तूफान की तीव्रता भी बढ़ती गई। कई प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति को संभालने के लिए दमकल विभाग और नगर निगम के कर्मचारी रात से ही राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
मेयर ने देर रात किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण
इसी बीच सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से जंक्शन क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया और संबंधित विभागों को तुरंत पेड़ हटाकर सड़कों को साफ करने के निर्देश दिए।
मेयर गौतम देव ने कहा, “तेज आंधी और बारिश के कारण कुछ जगहों पर नुकसान हुआ है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जल्द से जल्द सड़कों को साफ कर सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।”
नगर निगम और दमकल विभाग के संयुक्त प्रयास से कई जगहों पर पेड़ हटाने का काम शुरू हो चुका है। हालात पर काबू पाने के लिए कर्मचारी पूरी रात काम में जुटे रहे। प्रशासन की ओर से लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
इस्कॉन मंदिर के पास बंकिमनगर में दो पेड़ गिरे
शहर के 41 नंबर वार्ड स्थित इस्कॉन मंदिर के पास बंकिमनगर इलाके में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण लगभग 40 साल पुराने दो विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़े, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मंदिर और घर क्षतिग्रस्त
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गिरे हुए पेड़ सीधे दो मकानों पर आ गिरे। इतना ही नहीं, एक शनि मंदिर भी इस हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया। पेड़ों के मोटे तने घर के अंदर तक घुस गए, हालांकि गनीमत रही कि घर के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
तूफान के कारण इलाके की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हुई। एक बिजली के खंभे पर पेड़ गिरने से पूरे बंकिमनगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
साफ-सफाई व राहत कार्य शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही सिलीगुड़ी नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वार्ड नंबर 41 की पार्षद शिविका मित्तल ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल साफ-सफाई व राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह के पुराने और बड़े पेड़ों के गिरने का खतरा पहले से ही बना हुआ था। हालांकि इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन लोगों में अब भी डर का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने का आश्वासन दिया है।