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सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा, झूला टूटने से पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, कई घायल

फरीदाबाद। दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में बड़ी अनहोनी हुई है। मेले में एक झूला टूटकर गिर गया। इसमें 13 लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश की मौत हो. . .

फरीदाबाद। दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में बड़ी अनहोनी हुई है। मेले में एक झूला टूटकर गिर गया। इसमें 13 लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश की मौत हो गई। मौके पर राहत और बचाव का काम चल रहा है। सभी घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया है। वहीं पर्यटन मंत्री ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। यह मेला 31 जनवरी से शुरू हुआ है जो कि 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें भारत और 50 से अधिक देशों के शिल्पकार, कारीगर और कलाकार भाग ले रहे हैं।

मेले में गिरा झूला

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को सूरजकुंड मेले में सबसे पहले लोहे का गेट गिर गया। इससे मची अफरातफरी कम भी नहीं हुई थी कि एक झूला टूटकर गिर गया। इसमें 13 लोग घायल हो गए। बताया गया है कि 4 घायलों को बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि 9 लोगों का इलाज सुप्रीम हॉस्पिटल में चल रहा है। वहीं हादसे के फौरन बाद फरीदाबाद के डीसी मौके पर पहुंचे और राहत और बचाव का जायजा लिया।

यूपी सरकार का गेट गिरा

बताया गया है कि तेज हवा के झोंके से उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बनाया गया बुंदेलखंड द्वार भी गिर गया। इसमें कुछ लोगों के जख्मी होने की खबर है। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। जहां पर सभी का इलाज चल रहा है।

हादसे में मरने वाले कौन?

सूरजकुंड मेले में हुए हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश की मौत हो गई। वह मूलरूप से मथुरा के रहने वाले थे और पलवल पुलिस लाइन में कार्यरत थे। इनकी ड्यूटी सूरजकुंड मेले में लगी थी। साथ काम करने वाले पलवल पुलिसकर्मियों के मुताबिक डेढ़ दो महीने बाद रिटायर होने वाले थे।

कब तक चलेगा सूरजकुंड मेला ?

इससे पहले बीते शनिवार को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का भव्य उद्घाटन किया था। यह मेला 31 जनवरी से शुरू हुआ है जो कि 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें भारत और 50 से अधिक देशों के शिल्पकार, कारीगर और कलाकार भाग ले रहे हैं। मेले की थीम ‘लोकल टू ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत’ है, जो स्थानीय शिल्प को वैश्विक मंच प्रदान करने पर केंद्रित है।

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