सोनामुखी । पश्चिम बंगाल के सोनामुखी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दावा किया है कि भाजपा को बड़ा झटका लगा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे पूरी तरह “फर्जी और प्रायोजित” बताया है।
गांव में हैं करीब 250 से अधिक वोटर
टीएमसी के अनुसार, सोनामुखी विधानसभा के बड़ा चातऱा बूथ अंतर्गत कुबेरबांध गांव के लगभग सभी मतदाताओं ने भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। बताया जा रहा है कि इस छोटे से गांव में करीब 250 से अधिक वोटर हैं और इनमें से अधिकांश लोगों ने स्थानीय ग्राम पंचायत अध्यक्ष के नेतृत्व में टीएमसी में औपचारिक रूप से शामिल हुए।
गांव के लोगों का आरोप है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में इस बूथ से भाजपा को बढ़त मिली थी और उनका विधायक भी चुना गया था। लेकिन पिछले पांच वर्षों में इलाके में कोई खास विकास नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और बुनियादी ढांचे की हालत जस की तस बनी रही।
हालांकि, उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं जैसे लक्ष्मी भंडार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इन योजनाओं से लाभ मिला है। इसी कारण उन्होंने चुनाव से पहले टीएमसी में शामिल होने का निर्णय लिया।
भाजपा ने TMC के दावों को सिरे से खारिज
दूसरी ओर, भाजपा ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोनामुखी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि यह पूरी तरह से “नाटक” है। उनका आरोप है कि टीएमसी लोगों को भ्रमित करने के लिए अपने ही समर्थकों को भाजपा का बताकर झूठी खबर फैला रही है।
भाजपा का यह भी दावा है कि पियारबेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में उनके प्रचार में भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे टीएमसी घबराई हुई है और इसी कारण इस तरह की रणनीति अपनाई जा रही है।
चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि सोनामुखी में राजनीतिक मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प और कड़ा होने वाला है।