नई दिल्ली।दिल्ली पुलिस ने रविवार को मैसूर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कोर्ट में नकली बम धमकी वाले मैसेज भेजकर दहशत फैलाने का आरोप है। इस घटना की जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी। आरोपी की पहचान श्रीनिवास के रूप में हुई है और वह शहर के बृंदावन लेआउट, सेकंड फेज, सिक्स्थ क्रॉस में एक घर से यह काम कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि उसने कथित तौर पर कम समय में कई धमकी भरे ईमेल भेजे थे, जिनमें विस्फोटों की चेतावनी दी गई थी। इससे लोगों में काफी दहशत फैलाई गई थी। लगातार मिल रही इन धमकियों से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई थीं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने में बार-बार मिल रही फर्जी बम धमकियों को गंभीरता से लेने के बाद अधिकारियों ने यह अभियान शुरू किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी के लैपटॉप को खंगाला जा रहा है। अभी तक की जांच में 1,100 ई-मेल भेजे जाने की बात सामने आई है. आरोपी ने ये ई-मेल क्यों भेजे, इसके पीछे उसका क्या मकसद था। ऐसे ही कई सवालों के जवाब के लिए आरोपी से जल्द पूछताछ शुरू की जाएगी।
मैसूर से भेज रहा था धमकी भरा मैसेज
सूत्रों ने बताया, “तकनीकी जानकारी और निगरानी के आधार पर पता चला कि ये मैसेज मैसूर से भेजे जा रहे थे। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने अचानक छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।” पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मैसूर के वीवी पुरम पुलिस स्टेशन के कर्मियों की मदद से की गई। सूत्रों ने आगे बताया, “आरोपी शहर में छिपा हुआ था और ईमेल के जरिए धमकी भरे मैसेज भेज रहा था।”
आरोपी के पास से लैपटॉप और फर्जी सिम बरामद
छापेमारी के दौरान, पुलिस ने आरोपी के पास से कई सिम कार्ड और एक लैपटॉप जब्त किया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इन्हीं डिवाइस का इस्तेमाल फर्जी धमकी वाले मैसेज भेजने के लिए किया गया था। पुलिस अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि और जानकारी जुटाई जा सके।
सूत्रों ने बताया कि आरोपी को आगे की पूछताछ और जांच के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है। मामले की जांच जारी है। वहीं, अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कितने लोग शामिल थे।