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LPG Cylinder संटक : देश में LPG-सिलेंडरों की किल्लत पर केंद्र सरकार ने कैसा बड़ा कदम उठाया ?

नई दिल्ली। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के उपजे हालात ने दुनिया को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। तीन देशों के बीच इस युद्ध की चपेट में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर से दुनिया के कई देश. . .

नई दिल्ली। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के उपजे हालात ने दुनिया को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। तीन देशों के बीच इस युद्ध की चपेट में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर से दुनिया के कई देश आए हैं। इस जंग का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई दूसरे देशों पर भी पड़ रहा है। भारत, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मलेशिया समेत कई देशों पर इसका असर दिखाई देने लगा है।
ये वो देश हैं जो अपने कच्चे तेल, LNG और LPG गैस (LPG Cylinder Shortage In India) की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर करते हैं। लेकिन इस जंग की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और UAE से होने वाले तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह से बाधित है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के 20 प्रतिशत से भी ज्यादा कच्चे तेल और LNG की सप्लाई होती है। जो इस जंग की वजह से लगबग ब्लाक हो चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य जो कि ईरान-इजरायल-अमेरिका की लड़ाई का एक तरह से एपिसेंटर बन गया है, जिसके कारण इस मार्ग से कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से बाधित हो गई है। इसका भारत पर बहुत बुरा असर दिखने लग गया है।
भारत में LPG की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिसकी वजह से अचानक कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक हो रहे हैं। इस पर मोदी सरकार के फैसलों की जानकारी देते हुए मार्केटिंग एवं तेल रिफायनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्माने बताया कि सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं और देश में कच्चे तेल या गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी।
पश्चिम एशिया संकट में हालिया घटनाक्रमों पर बोलते हुए, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भारत में एलपीजी की किसी भी कमी से इनकार किया और कहा कि देश भर के पेट्रोल पंपों पर एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने आगे बताया कि ईंधन की निरंतर मांग को पूरा करने के लिए कल 6,500 टन व्यावसायिक एलपीजी बेची गई।
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बोलते हुए, संयुक्त सचिव ने आगे बताया कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को 5 किलो के सिलेंडरों की उपलब्धता के बारे में जानकारी देने के लिए 1,300 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया है। इन जागरूकता शिविरों के दौरान तेल विपणन कंपनियों द्वारा कुल 10,005 सिलेंडर बेचे गए।
शर्मा ने कहा, “एलपीजी वितरक जहाजों में किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है, सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं। पेट्रोल पंपों में भी किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। कल 6500 टन व्यावसायिक एलपीजी बेची गई पिछले चार दिनों में तेल विपणन कंपनियों द्वारा 1300 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। कंपनियों ने 10,005 सिलेंडर बेचे हैं। इन जागरूकता शिविरों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को 5 किलो के सिलेंडरों की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्रदान करना है।”
इससे पहले, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनसी) के सचिव की अध्यक्षता में राज्य के अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में देश भर में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर बल दिया गया। राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे एलपीजी वितरण को प्राथमिकता दें, विशेष रूप से घरेलू और आवश्यक जरूरतों के लिए, साथ ही जमाखोरी, हेराफेरी और गलत सूचना के प्रसार के खिलाफ कड़ी निगरानी रखें।
प्रवासी श्रमिकों को मुक्त व्यापार एलपीजी (एफटीएल) आपूर्ति से संबंधित रिपोर्टों पर, राज्यों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है जिससे प्रवासी प्रभावित हों और आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। सचिव ने यह भी बताया कि राज्य तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के समन्वय से स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर 5 किलोग्राम एफटीएल एलपीजी सिलेंडरों के लक्षित वितरण का प्रबंधन करने पर विचार कर सकते हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश भर में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, और कई संकेतक स्थिर और बेहतर वितरण की ओर इशारा कर रहे हैं। 23 मार्च, 2026 से अब तक देश भर में लगभग 6.75 लाख 5-किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की ओएमसी कंपनियों ने विभिन्न राज्यों में 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के लिए लगभग 550 जागरूकता शिविर आयोजित किए, जिनमें 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे गए। किसी भी एलपीजी वितरक केंद्र पर सिलेंडरों की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
उद्योग जगत में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में लगभग 97 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सिलेंडरों की हेराफेरी रोकने के उद्देश्य से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, 1 मार्च, 2026 से अब तक 18 करोड़ से अधिक सिलेंडर घरों तक पहुंचाए जा चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और नागरिकों से एलपीजी की कमी से संबंधित अफवाहों या गलत सूचनाओं पर ध्यान न देने का आग्रह किया।

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