अहमदाबाद ।वर्ल्ड कप में जीत के रथ पर सवार भारतीय क्रिकेट टीम का गुरुर टूट चुका है। साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 राउंड के पहले ही मैच में मैन इन ब्लूज को 76 रन से रौंद डाला। ये टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी तो टी-20 फॉर्मेट की दूसरी सबसे बड़ी हार है। इस बड़ी और शर्मनाक हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी करारा झटका लगा है।समीकरण कुछ ऐसे बन रहे हैं कि अब यहां से टीम इंडिया अपने बचे दोनों मैच भी जीत जाती है तो भी शायद सेमीफाइनल में न पहुंच पाए और उसका वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो जाए।
दरअसल, बीती रात दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसका सुपर-8 का पहला मुकाबला खेलना था।इस मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 188 रन का चैलेंजिंग लक्ष्य रखा। जवाब में सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और सिर्फ 111 रन पर ही ऑलआउट हो गई।
76 रन की एकतरफा हार ही अब भारतीय टीम के टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को धुंधली कर रही है। सुपर-8 राउंड में भारत के अभी दो मैच बाकी हैं। टीम इंडिया 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलेगी. सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए भारत को ये दोनों मैच जीतने होंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन दो मैचों की जीत से भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना तय हो जाएगा? जवाब है नहीं, कहानी इतनी आसान नहीं है।
भारतीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल सेनेरियो
टीम इंडिया के लिए अब सेमीफाइनल में पहुंचना खुद की मेहनत के साथ-साथ ग्रुप-1 की दूसरी टीम के नतीजों पर भी निर्भर करेगा। सबसे सिंपल रास्ता ये है कि साउथ अफ्रीका अपने बचे दोनों मैच जीते और भारत भी अपने बचे दोनों मैच में जीत हासिल करे, इससे साउथ अफ्रीका छह और भारत चार पॉइंट के साथ सेमीफाइनल में होगा। अगर साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे से हारा तो चार-चार अंक के साथ तीन टीम के बीच टाई हो जाएगा।
भारत को यहां खतरा है क्योंकि 76 रन की हार के साथ उसका नट रनरेट -3.8 के साथ बेहद घटिया है।
ऐसे में सबसे पहले तो भारत को 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और फिर 1 मार्च को वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और फिर दूसरी टीम के नतीजों पर नजर रखनी होगी. दुआ करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने सारे मैच जीते, क्योंकि प्रोटियाज अगर एक मैच भी गंवाता है तो भारत के लिए आंकड़े जटिल और समीकरण मुश्किल हो जाएंगे।
भारत को दोनों मैच जीतने ही होंगे
टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के एक ग्रुप में चार टीमें हैं। हर टीम को तीन मैच खेलने हैं और टेबल में टॉप-2 की टीम सेमीफाइनल में जाएगी। भारत का मुकाबला अब जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से होना है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को ये दोनों मैच जीतने ही होंगे। इसके साथ ही जीत का अंतर भी बड़ा रखना होगा। टीम एक भी मैच हारती है तो आगे जाना काफी मुश्किल हो जाएगा। अगर भारत एक मैच जीतता है तो उसे अपना नेट रन रेट काफी बेहतर रखना होगा। इसके साथ ही उम्मीद करनी होगी कि दो अन्य टीमें भी एक-एक मैच ही जीते।
नेट रन रेट काफी खराब हुआ
साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों के बड़े अंतर से हराया है। यह टी20 विश्व कप इतिहास में टीम इंडिया की सबसे बड़ी रनों की हार है। इससे पहले 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने 49 रनों से मात दी थी। इस हार के बाद भारत ने नेट रन रेट -3.800 का हो गया है। भारत को सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। अगर तीन टीमों को 4-4 पॉइंट होते हैं तो फैसला नेट रन रेट से ही होगा।
भारत की बैटिंग और बॉलिंग दोनों फेल
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत के गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों ने निराश किया। 20 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद भी साउथ अफ्रीका की टीम 187 रनों तक पहुंच गई। हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर काफी महंगे रहे। इसके बाद बल्लेबाजी में शिवम दुबे को छोड़कर कोई क्रीज पर टिक ही नहीं पाया। पूरी टीम 111 रनों पर ऑलआउट हो गई। साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से मैदान मार दिया।
अब टीम इंडिया के सामने सिर्फ तीन रास्ते बाकी
भारतीय क्रिकेट टीम अब ऐसे भंवर में फंस चुकी है जहां से निकलना आसान नहीं होने वाला। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को ना सिर्फ अपने मैचों पर ध्यान लगाना होगा बल्कि अपने ग्रुप की बाकी टीमों के मैचों पर भी नजर रखनी होगी, साथ ही रन रेट की गणित भी संभालनी होगी। भारत कैसे सेमीफाइनल में पहुंच सकता है, आइए जानते हैं क्या हैं वो 3 रास्ते।
सेमीफाइनल में जाने का पहला समीकरण
सुपर 8 के पहले ही मैच में करारी हार के बाद भारत के टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने का पहला समीकरण है कि अपने बाकी बचे दोनों मैचों में भारत जीते जिससे उसके 4 अंक हो जाएंगे। इससे टीम इंडिया वाले ग्रुप में कई संभावनाएं खुल जाएंगी। आसान राह के लिए टीम इंडिया उम्मीद करेगी कि दक्षिण अफ्रीका अपनी जीत का सिलसिला जारी रखे और सुपर 8 के अपने बाकी दो मैच भी जीत ले, जिससे भारत वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे से आगे पहुंच जाएगा।
टीम इंडिया का दूसरा रास्ता, जीत के बाद भी स्थिति रहेगी नाजुक
भारत अपने दोनों मैच जीत जाए तब भी सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने से चूक सकता है। ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका, भारत और वेस्ट इंडीज या जिम्बाब्वे में से कोई एक टीम, इन तीनों के 4-4 अंक होंगे। तीनों टीमों के नाम दो-दो जीत होंगी। वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे में से एक टीम के शून्य अंक होंगे। इस स्थिति में नेट रन रेट ही भारत का फैसला करेगा। दक्षिण अफ्रीका से मिली बड़ी हार के बाद भारत के नेट रन रेट में भारी गिरावट आई है। टीम इंडिया को वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़े अंतर से जीत हासिल करके इसे सुधारना होगा।
क्या है आगे जाने का तीसरा रास्ता
अगर टीम इंडिया अपने अगले दो मैचों में सिर्फ एक जीत हासिल करता है, तब भी वो सेमीफाइनल में जा सकता है। उस स्थिति में भारतीय क्रिकेट टीम को एक बार फिर उम्मीद करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका भारत के खिलाफ मिली जीत के अलावा अपने बाकी दोनों मैच जीते ताकि 6 अंकों के साथ वो ग्रुप में शीर्ष पर रहे। ऐसे में मैचों के नतीजे कुछ इस तरह से होने चाहिए कि भारत, वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे को एक-दूसरे को हराना पड़े। सीधे शब्दों में, अगर भारत जिम्बाब्वे को हराता है, तो जिम्बाब्वे को वेस्ट इंडीज को हराना होगा, और फिर भारत वेस्ट इंडीज से हारने का जोखिम उठा सकता है। लेकिन उस स्थिति में भी भारतीय टीम को अपने नेट रन रेट को मजबूत करना होगा। टीम इंडिया का अगला मैच उलटफेर के राजा यानी जिम्बाब्वे की टीम से 26 फरवरी को चेन्नई में है। जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को हराकर दुनिया को चौंकाने का काम किया है, ऐसे में उनके खिलाफ सतर्क रहना होगा।