डेस्क। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पांच बार की चैंपियन टीम इंडिया, इंग्लैंड के सामने उतरेगी। इस मुकाबले में दांव पर सिर्फ ट्रॉफी नहीं बल्कि सालों का वर्चस्व और अटूट उम्मीदें भी होंगी। दोनों टीमों के बीच ये महामुकाबला निर्धारित समयानुसार दोपहर 1 बजे से शुरू होगा।
एक ओर आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली भारतीय टीम है, जो अपनी लगातार छठी फाइनल अपीयरेंस के साथ इस फॉर्मेट की बेताज बादशाह बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर थॉमस रीव की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम है, जिसका एकमात्र लक्ष्य 1998 के बाद से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म करना है।
भारत को 41 मुकाबलों में जीत मिली
भारत और इंग्लैंड की टीमों ने अंडर 19 में 55 यूथ वनडे मैच खेले हैं. इस दौरान भारत को 41 मुकाबलों में जीत मिली है जबकि 13 में उसे हार का सामना करना पड़ा। एक मुकाबला बेनतीजा रहा. इंग्लैंड को 13 मैचों में जीत मिली है। फाइनल में पहुंचने के बाद भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने कहा कि फाइनल में पहुंचने का अहसास काफी अच्छा है। हमारे लिए वर्ल्ड कप फाइनल खेलना काफी अच्छा है। घर पर जो फैंस हैं उनसे मैं सिर्फ ये कहना चाहता हूं कि बस हमें सपोर्ट करते रहें। आप हमें बहुत अच्छा सपोर्ट कर रहे हैं. हम फाइनल मैच में अपना सौ फीसदी देंगे और जीतने की पूरी कोशिश करेंगे. हम फाइनल मैच को सिर्फ एक गेम की तरह रखेंगे।
इतिहास दोहराने की दहलीज पर खड़ा
भारत भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के लिए फाइनल की राह किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी रही है। टूर्नामेंट के पहले दिन से ही भारत ने हर विभाग में दबदबा बनाए रखा। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई है। वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह से टॉप ऑर्डर में अपनी अटैकिंग बल्लेबाजी दिखाई है, उसने विपक्षी गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा कर दिया है।
इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ दिखाया ट्रेलर
सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 311 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करना यह साबित करता है कि यह टीम दबाव में टूटना नहीं, बल्कि लड़ना जानती है। आयुष म्हात्रे की रणनीतिक सूझबूझ और आरोन जॉर्ज के फॉर्म ने टीम को अपराजेय बना दिया है, जिससे भारत आज अपनी छठी ट्रॉफी की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
इंग्लैंड की ‘बाज़बॉल’ चुनौती और थॉमस रीव का दम
दूसरी तरफ, इंग्लैंड की टीम 1998 की उस ऐतिहासिक जीत के बाद से अपने दूसरे खिताब के लिए तरस रही है। कप्तान थॉमस रीव ने इस बार टीम में एक नया और अटैकिंग अंदाज दिखाया है। सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रीव की 110 रनों की कप्तानी पारी ने यह साफ कर दिया कि यह टीम बड़े मैचों में घबराती नहीं है।
कौन हैं इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़?
इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ बेन मेयस और खुद थॉमस रीव हैं। रीव इस टूर्नामेंट में अब तक 74.75 की औसत और 101 के स्ट्राइक रेट से 299 रन बना चुके हैं। उनके साथ मैनी लम्सडेन जैसे तेज गेंदबाज हैं, जो शुरुआती ओवरों में किसी भी बल्लेबाजी क्रम की धज्जियां उड़ाने की क्षमता रखते हैं।
वार्म-अप मैच का वो ‘अलर्ट’ और पुराने जख्म
भले ही ये दोनों टीमें फाइनल में पहली बार भिड़ रही हों, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले एक वार्म-अप मैच में इनका आमना-सामना हुआ था। उस बारिश से प्रभावित मुकाबले में जेम्स रीव ने 71 रनों की पारी खेलकर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। हालांकि फाइनल का दबाव और मंच बिल्कुल अलग होगा, लेकिन इंग्लैंड के पास उस जीत का मनोवैज्ञानिक फायदा जरूर होगा। भारत के लिए यह मुकाबला उस हार का बदला लेने और अपना वर्चस्व साबित करने का सबसे बड़ा मौका है।
खिलाड़ी जिन पर रहेंगी सबकी नजरें
आज के मुकाबले में दो खिलाड़ियों के बीच की जंग देखने लायक होगी। भारत के आरोन जॉर्ज टूर्नामेंट की शुरुआत में संघर्ष कर रहे थे, लेकिन सेमीफाइनल में उन्होंने 104 गेंदों पर 115 रनों की क्लासिक पारी खेलकर अपनी फॉर्म का लोहा मनवाया। दबाव के क्षणों में उनकी शांति भारत के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है। वहीं, इंग्लैंड के थॉमस रीव स्पिन के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क के लिए जाने जाते हैं। अगर हरारे की पिच से स्पिनर्स को मदद मिलती है, तो रीव का क्रीज पर टिकना इंग्लैंड की जीत की गारंटी बन सकता है।
पिच रिपोर्ट और हरारे के रोमांचक आंकड़े
हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुई है। इस मैदान पर खेले गए 6 मैचों में रन रेट 5.42 का रहा है, जो यहां की हाई-स्कोरिंग प्रकृति को दर्शाता है। सेमीफाइनल में भारत ने जिस तरह 311 रनों का पीछा 53 गेंदें शेष रहते हुए किया, उससे साफ है कि यहां कोई भी लक्ष्य सुरक्षित नहीं है। सुबह के समय तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी, लेकिन दोपहर होते-होते यह पिच पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में झुक जाएगी। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी कर नमी का फायदा उठाना चाहेगी।
क्या ‘छठी वार’ में इंडिया को लगेगा झटका?
आंकड़ों की बात करें तो भारत का पलड़ा भारी है। अब तक दोनों के बीच 55 मैचों में भारत ने 41 जीते हैं। इंग्लैंड ने अपनी एकमात्र विश्व विजय 1998 में न्यूजीलैंड को हराकर हासिल की थी। तब से वे केवल एक बार 2022 में फाइनल में पहुंचे, जहां उन्हें भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा। भारत के लिए यह 21वीं सदी का 11वां फाइनल है, जो उनकी निरंतरता की कहानी कहता है। आज के फाइनल में भारत (India U19) के जीतने की संभावना सबसे अधिक है। आंकड़ों के आधार पर भारत इस मैच में ‘फेवरेट’ है।