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Union Budget 2026 : रेयर-अर्थ, कैंसर की दवाइयां भी होंगी सस्ती, पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे, पढ़ें बजट की मुख्य बातें

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं. यह एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट है. इसके साथ ही निर्मला सीतारमण देश की ऐसी पहली महिला. . .

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं. यह एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट है. इसके साथ ही निर्मला सीतारमण देश की ऐसी पहली महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी, जो लगातार नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं. ऐसे समय में जब दुनिया आर्थिक तौर पर चुनौतियों का सामना कर रही है, तब भी भारत अपने प्रगति के पथ पर चल रहा है।

निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की अब तक की बड़ी बातें

7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे
बायो फार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़
शुगर कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती
बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे
शहरी आर्थिक क्षेत्र पर प्रति वर्ष 5 हजार करोड़ रुपये खर्च
20 नए जल मार्ग बनाने की तैयारी
4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर
3 केमिकल पार्क का निर्माण
एसएमई के लिए 10 हजार करोड़
महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का ऐलान

सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान एलान किया कि देश में छह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बंगलूरू, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है।

: पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे

अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी।

आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए प्रस्ताव

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव है।
आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए सात क्षेत्रों में पहल शुरू करने का प्रस्ताव। रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना।
विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना।
चैंपियन एमएसएमई का निर्माण करना।
अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना।
दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना।
शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।

मजबूत कैपिटल गुड्स : हाईटेक टूल रूम बनाए जाएंगे। उपकरणों के देश में विनिर्माण पर जोर दिया जाएगा। मल्टीस्टोरी लिफ्ट और मल्टीप्लेक्स में फायर फाइटिंग उपकरणों जैसे उत्पादन में मदद मिलेंगे। कंटेनर विनिर्माण पर भी जोर दिया जाएगा और इस पर पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

टेक्सटाइल : राष्ट्रीय फाइबर योजना के तहत रेशम और जूट पर जोर दिया जाएगा। साथ ही रोजगार बढ़ाने के प्रयास होंगे। हैंडलूम मिशन के जरिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। समर्थ-2.0 के जरिए इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू होगी। इसके जरिए खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट पर जोर दिया जाएगा। इससे गांवों, एक जिला-एक उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवाओं को बढ़ावा मिलेगा। स्पोट्स गुड के विनिर्माण, नवाचार और शोध पर जोर दिया जाएगा। 200 लीगेसी क्लस्टर पर ध्यान दिया जाएगा।

चैम्पियन एमएसएमई: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को 10 हजार करोड़ की विकास निधि का प्रस्ताव रहेगा। आत्मनिर्भर भारत निधि में दो हजार करोड़ रुपये के टॉप-अप का प्रस्ताव रहेगा। तरलता बढ़ाने के लिए लेनदेन निपटान प्लेटफॉर्म बनेगा। क्रेडिट गारंटी सपोर्ट दिया जाएगा।

कॉर्पोरेट मित्र: टियर-टू और टियर-3 कस्बों में कॉर्पोरेट मित्र बनाए जाएंगे। इससे पेशेवर संस्थानों को सुविधा मिलेगी। पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-टू और टियर-3 में विकास पर ध्यान दिया जाएगा। आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।

रिफॉर्म के लिए सरकार ने कई कदम उठाए- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा- रिफॉर्म के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की थी। इसके बाद कई सुधार लाए गए हैं। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ काम कर रही हैं ताकि सुधार लाए जा सकें। रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। पहले कर्तव्य के तहत छह क्षेत्रों में कदम उठाए जाएंगे। जैसे- सात क्षेत्रों पर फोकस होगा। चैम्पियन एमएसमएई पर ध्यान दिया जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।

बायो फार्मा शक्ति: इसमें ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के जरिए विकास होगा। किफायती दवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। भारत को वैश्विक बायो फार्मा हब बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इस पर अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। बायो फार्मा के तीन नए राष्ट्रीय संस्थान बनेंगे। सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को अपग्रेड किया जाएगा। 
सेमी कंडक्टर मिशन: इसमें उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान दिय जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम के तहत लक्ष्य से दोगुना हासिल किया जा चुका है। इसमें 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा जा रहा है।
रेयर अर्थ: ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनेंगे ताकि वहां पर खनन और शोध हो सके। इससे आयात निर्भरता घटेगी।

वित्त मंत्री ने बताए सरकार के तीन कर्तव्य

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि- पीएम मोदी के नवोन्मेषी विचार विशेष युवा शक्ति संचालित बजट का आधार बना है। सरकार का संकल्प गरीब, शोषित और वंचितों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में तैयार होने वाला यह पहला बजट है।

हमारा पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है। 
हमारा दूसरा कर्तव्य अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण विकसित करना है। 
हमारा तीसरा कर्तव्य- सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप विकास है।
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