नई दिल्ली। भारतीय संसद का बजट सत्र 2026 कल यानी 28 जनवरी को शुरू हुआ। संसद सत्र से पहले आज 29 जनवरी को पीएम मोदी ने संबोधन किया। अब सबकी नजरें आज 29 जनवरी 2026 पर टिकी हैं क्योंकि आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया है। यह सर्वेक्षण पिछले वित्त वर्ष की अर्थव्यवस्था का पूरा रिपोर्ट कार्ड जैसा है जिसमें विकास दर मुद्रास्फीति रोजगार निर्यात जैसे कई महत्वपूर्ण आंकड़े और विश्लेषण होते हैं।यह बजट से पहले आता है और आने वाले बजट की दिशा तय करने में मदद करता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान लगाया गया है। तुलनात्मक रूप से, पिछले वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि दर 6.3% से 6.8% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था और दृष्टिकोण को संतुलित बताया गया था। महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से जिमांड को सपोर्ट मिला और अगले वित्त वर्ष में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है।
आर्थिक सर्वे से पहले पीएम मोदी ने कहा कि देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर केंद्रित है। लेकिन इस सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन रही है। अब हमने ‘सुधार एक्सप्रेस’ को तेजी से आगे बढ़ा दिया है। इस ‘सुधार एक्सप्रेस’ को गति देने में सकारात्मक योगदान के लिए मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। परिणामस्वरूप, ‘सुधार एक्सप्रेस’ रफ्तार पकड़ रही है।
FY27 में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान
भारत में यूरोपीय यूनियन के साथ हुई ट्रेड डील से लेबर मार्केट का विस्तार होगा। वित्त मंत्री ने कहा है कि FY27 में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान है।
अमेरिका से ट्रेड डील इसी साल संभव- वित्त मंत्री
आर्थिक सर्वे के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील इसी साल संभव होगी और ट्रेड डील होने से व्यापारिक अनिश्चितताएं घटेंगी।
सरकार ने रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 रखा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इसमें सरकार ने रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 के बीच रखा है। महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से जिमांड को सपोर्ट मिला लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है।