डेस्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई हमारी जिंदगी में किस तरह से बढ़ता जा रहा है, इसका एक उदाहरण कोलंबिया में होने जा रहे 2026 के चुनावों में देखा गया है। यहां एक AI डिजिटल अवतार ‘गैटाना’ भी चुनावी रेस में शामिल हो गया है। नेताजी से मुकाबला करने यह मैदान में उतरा है और वोट मांग रहा है। कोलंबिया में स्वदेशी समुदायों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। कहा जाता है कि उन्हीं में से एक सीट के लिए गैटाना ने अपनी दावेदारी पेश की है।
कैंडिडेट का इंसान होना जरूरी
एक मीडिया रिपोर्ट (REF.) के अनुसार, गैटाना ने जिस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है, उस पर इंसान चुनाव लड़ते हैं। गैटाना के मैदान में उतरने से यह चुनाव चर्चा का विषय बन गया है। कोलंबिया का कानूनी चुनाव कहता है कि जो भी चुनाव लड़ रहा है, उसका आम इंसान होना जरूरी है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि गैटाना नाम का एआई अवतार किसी इंसानी कैंडिडेट का चुनावी स्टंट तो नहीं। बहुत से लोग इसे इनोवेटिव कदम बता रहे हैं। हालांकि सवाल उठाने वालों की भी कमी नहीं है। उनका कहना है कि क्या तकनीक को चुनावी प्रक्रिया में इतनी एक्टिव भूमिका निभानी चाहिए?
गैटाना यह चुनाव लड़ पाएगा या नहीं, अभी पता नहीं है। यह भी हो सकता है कि किसी इंसानी कैंडिडेट ने एआई को कैंपेन के रूप में इस्तेमाल किया हो और खुद को रजिस्टर करवाया है। इस मामले में अभी और जानकारी आनी बाकी है। कहा जाता है कि गैटाना को स्वदेशी आवाजों को बढ़ाने और तकनीकी एक्सपेरिमेंट के तौर पर बनाया गया है।
क्या है गैटाना?
-गैटाना एक एआई डिजिटल अवतार है।
-इसने कोलंबिया के चुनावों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
-गैटाना का नाम 16वीं सदी के एक नेता को समर्पित है।
-उस नेता ने देश में स्पेनिशन कॉलोनाइजेशन का विरोध किया था।
गैटाना को बनाने का मकसद
क्रिएटर्स गैटाना के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कोशिशों से यह दर्शाया जा रहा है कि कैसे एआई, चुनावों में भूमिका निभा सकता है। वह लोगों के बीच एंगेजमेंट बढ़ा सकता है। गैटाना से जिस सीट से दावेदारी दी है आमतौर पर इन सीटों पर जाने-माने स्वदेशी संगठनों के इंसानी उम्मीदवार लड़ते हैं इसीलिए अभी यह पता नहीं है कि गैटाना की उम्मीदवार रहेगी या रिजेक्ट कर दी जाएगी।