नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग जारी है। इस युद्ध के चलते ईरान में भारी तबाही देखने को मिल रही है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत कई नेता और आधिकारियों के बाद अब स्पेशल ऑपरेशन कमांडर को मौत के घाट उतार दिया गया है। इसके साथ ईरान में इजराइल-अमेरिका के हमलों से मरने वालों की संख्या 1145 के पार जा चुकी है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने दक्षिणी तट से गुजर रहे एक ईरानी जहाज पर पनडुब्बी पर अटैक किया था। इस दौरान 100 से ज्यादा लोग लापात हो गए हैं। वहीं, कई लोगों के घायल होने की भी खबर हैं। अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले का वीडियो जारी किया है।
अमेरिका ने ईरानी जहाज को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक, ईरानी जहाज में कुल 180 लोग सवार थे। रिपोर्टस के अनुसार जैसे ही ईरानी जहाज की ओर से संकट के संकेत का इशारा किया गया, वैसे ही श्रीलंका की सेना ने पहुंचकर खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया। श्रीलंकाई नौसेना की ओर से समुद्र में डूबे ईरानी युद्धपोत से 87 लोगों के शव बरामद हुए है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, श्रीलंका ने बुधवार (4 मार्च) को बताया कि उसके दक्षिणी तट पर डूबे नौसैनिक जहाज से करीब 32 ईरानी नागरिकों को बचाया गया है। जबकि कई शव भी बरामद किए गए। विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद को बताया कि सुबह 5 बजकर 8 मिनट पर गाले के दक्षिणी बंदरगाह जिले से लगभग 40 समुद्री मील दूर स्थित आईरिस देना नामक जहाज के डूबने की आपातकालीन सूचना मिली। जिसके बाद नेवी और वायु सेना ने राहत और बचाव अभियान चलाया।
ईरानी जहाज में सवार थे 180 लोग
मालूम हो कि, कुछ समय पहले ईरानी जहाज ने भारत की ओर से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था। हालांकि अभी तक भारतीय नौसेना की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। श्रीलंका के विदेश मंत्री ने बताया कि जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे। वहीं अमेरिका के वाशिंगटन में यूएस रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यह किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है।