कोटो। देश में कोचिंग नगरी के नाम से चर्चित कोटा में एक और छात्र ने खुदकुशी कर ली। हालांकि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कोटा में सैकड़ों छात्र पढ़ाई के दाबव में आत्महत्या कर चुके हैं। लेकिन सरकार के तमाम दावे खोंखले नजर आ रहे हैं। दरअसल, जेईई की तैयारी कर रहे 12वीं के छात्र ने दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना रात उद्योग नगर थाना क्षेत्र में हुई। मृतक छात्र की पहचान हरियाणा के सिरसा जिले के गांव हिमायूं खेड़ा निवासी सरताज सिंह के रूप में हुई है। सरताज पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर स्थित एक हॉस्टल में रहता था। उद्योग नगर थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन के सामने कूदने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। मृतक का शव एमबीएस अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम में भेजा गया।
घर में फोन कर बताया ट्रेन तीन घंटे लेट
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सरताज उसी रात अपने घर हरियाणा लौटने वाली ट्रेन में जाना चाहता था। परिवार के अनुसार, रात को सरताज ने अपने परिजनों से आखिरी बातचीत की थी। उसने कहा कि ट्रेन लगभग तीन घंटे लेट है और वह तब तक रेलवे स्टेशन पर ही रहेगा। हालांकि बाद में परिजनों ने बताया कि ट्रेन असल में लेट नहीं थी। यह कथन उसने बहाने के रूप में कहा था।
कहां का रहने वाला था छात्र
सरताज 12वीं कक्षा का छात्र था और अप्रैल में उसके बोर्ड एग्जाम होने थे। उसने दो साल का जेईई कोर्स भी पूरा कर लिया था। उसके पिता कुलदीप सिंह गांव में खेती करते हैं। सरताज परिवार का इकलौता बेटा था। घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है। पुलिस की सूचना पर परिजन कोटा पहुंचे, जिनकी मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और शव उन्हें सौंपा गया।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण थे। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि छात्र ने यह कदम अचानक लिया या इसके पीछे कोई मानसिक तनाव या अन्य कारण था।