बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी और देश की सेना के सबसे ताकतवर जनरल झांग यूश्या और सरकार के रणनीतिक सलाहकार लियू झेनली को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ कानूनों के उल्लंघन और अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। इसके साथ ही चीन की सेना में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान भी शुरू कर दिया गया है। झांग और ल्यू पर शी जिनपिंग की सरकार का तख्तापलट करने के आरोप हैं।
हाल ही में सस्पेंड हुए थे 9 जनरल
बता दें कि झांग और लियू के खिलाफ यह कार्रवाई ति हुई है, जब अक्टूबर 2025 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने सेना के 9 बड़े जनरलों को सस्पेंड कर दिया था।वहीं अब जब कनाडा में रह रहीं चीनी लेखिका शेंग शुए ने अपने एक लेख में दावा किया है कि शी जिनपिंग के तख्तापलट की कोशिश की गई है, जो नाकाम रही और इस साजिश में चीन की सेना का हाथ होने का शक जताया गया तो मामले में जांच पड़ताल के बाद झांग और लियू के खिलाफ जांच शुरू की गई।
कौन हैं जनरल झांग योउशिया?
बता दें कि 75 वर्षीय जनरल झांग योउशिया सेना के सबसे ताकतवर जनरल थे। सीधे राष्ट्रपति जिनपिंग को रिपोर्ट करने वाली देश की सबसे पॉवरफुल सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष थे। कम्युनिस्ट पार्टी के पोलितब्यूरो के सदस्य भी रह चुके थे। झांग के पिता कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल रहे थे। झांग ने 1968 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जॉइन की थी और कई युद्ध लड़ चुके थे। युद्ध लड़ने का अनुभव होने के कारण ही उन्हें सेना में जगह मिली।
जिनपिंग को हिरासत में लेना था
बता दें कि चीनी लेखिका शेंग शुए ने दावा किया है कि गत 18 जनवरी की शाम को जिनपिंग को हिरासत में लिए जाने की प्लानिंग थी। इसके लिए बीजिंग के जिंगशी होटल में डेरा डाला गया था, लेकिन पिछले कुछ साल से जिनपिंग का कोई एक ठिकाना नहीं है, इसलिए उन पर नजर रखनी मुश्किल हो रही थी, लेकिन जिंगशी होटल में जिनपिंग के सुरक्षाकर्मियों को सेना के प्लान की भनक लग गई और जिनपिंग को तुंरत होटल के अंदर ही नजरबंद कर दिया गया।
जिनपिंग के खिलाफ चौथी बार साजिश रची गई है, इससे पहले साल 2013 में भी एक कोशिश हुई थी, जिसमें गोली उनके पैर को छूकर निकल गई थी और उनके करीबी सुरक्षा कर्मी को लगी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
लेकिन ऑपरेशन से ठीक दो घंटे पहले यह योजना शी जिनपिंग तक पहुंच गई. शुए का कहना है कि या तो पहले से शी ने झांग के आसपास अपने लोग लगा रखे थे या फिर आखिरी वक्त पर किसी ने धोखा दे दिया। जानकारी मिलते ही शी जिनपिंग ने तुरंत होटल छोड़ दिया और पलटवार की तैयारी कर ली। झांग यूश्या के लोगों को यह पता नहीं था कि उनका प्लान लीक हो चुका है। वे तय समय पर आगे बढ़े। शेंग शुए के सूत्र का दावा है कि जिंगशी होटल में झांग के लोगों और शी जिनपिंग की ओर से तैनात सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। गोलियां चलीं. इस टकराव में शी के निजी सुरक्षा दल के नौ जवान मारे गए, जबकि झांग के कई समर्थक भी ढेर हो गए।
नाकाम तख्तापल पर के बाद क्या हुआ?
इसके बाद शी जिनपिंग ने तुरंत आदेश दिया कि झांग यूश्या और ल्यू झेनली को गिरफ्तार किया जाए। उनके परिवारों को भी उसी रात हिरासत में ले लिया गया। शेंग शुए ने अपने सूत्र से पूछा कि झांग ने अपने परिवार को सुरक्षित क्यों नहीं किया। इसपर सूत्र ने कहा कि शायद उन्होंने सोचा हो कि ऐसा करने पर किसी तख्तापलट का शक हो सकता है। बाहर की दुनिया को यह सब नहीं बताया गया। कुछ दिन बाद अचानक सरकारी घोषणा आई कि झांग यूश्या और ल्यू झेनली ‘अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन’ के आरोपी हैं। जानकारों का कहना है कि इतनी जल्दी सार्वजनिक घोषणा इस बात का संकेत है कि शी जिनपिंग स्थिति को तुरंत काबू में दिखाना चाहते थे और किसी भी तरह की अफवाह को दबाना चाहते थे।
शी जिनपिंग का क्या है हाल?
इस घटना ने शी जिनपिंग को भीतर तक हिला दिया। शेंग शुए के मुताबिक, शी की मां और बहन को भी खतरे की जानकारी दी गई और उन्हें शेनझेन के एक गेस्टहाउस में कड़ी सुरक्षा में रखा गया। पूरा परिसर लॉक कर दिया गया।
चीन में तख्तापलट की कोशिश क्यों हुई?
शेंग शुए का कहना है कि झांग यूश्या कोई अकेला महत्वाकांक्षी जनरल नहीं थे। वह उस धड़े का हिस्सा थे, जो शी जिनपिंग की बढ़ती ताकत से डरने लगा था। सेना और पार्टी में लगातार भ्रष्टाचार हटाने के नाम पर सफाई चल रही थी। एक के बाद एक बड़े चेहरे गिर रहे थे। झांग को लगने लगा था कि अगला नंबर उनका है। उनका तर्क था कि शी जिनपिंग अब किसी पर भरोसा नहीं करते। हर किसी को शक की नजर से देखते हैं. यही डर का माहौल लोगों को या तो पूरी तरह झुकने पर मजबूर करता है या फिर विद्रोह की ओर धकेलता है।
शी जिनपिंग के खिलाफ पहले कितनी साजिश हुए?
सूत्रों का दावा है कि यह शी जिनपिंग पर चौथी जानलेवा साजिश थी. इससे पहले 2013 में भी एक कोशिश हुई थी, जिसमें शी का करीबी सुरक्षा गार्ड मारा गया और गोली उनके पैर को छूकर निकल गई थी। उसके बाद शी करीब बीस दिन तक सार्वजनिक रूप से गायब रहे थे. न्यूज-18 इंडिया इन दावों की पुष्टि नहीं करता है।
चीन में अब आगे क्या होगा?
अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा. शेंग शुए मानती हैं कि इस घटना के बाद शी जिनपिंग या तो और ज्यादा सख्ती के साथ सत्ता को अपने हाथ में समेटेंगे, शायद सेना की पूरी संरचना ही बदल दें, या फिर लगातार डर और तनाव उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर देगा। चीन इसे ‘सेना सुधार’ कह रहा है. लेकिन पर्दे के पीछे जो तस्वीर उभर रही है, वह यह बताती है कि ड्रैगन के भीतर असल लड़ाई सत्ता की है।