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जाने पीएम मोदी के ‘काले ब्रीफकेस’ का राज : बटन दबाते ही बन जाता है लोहे की दीवार, जानें कौन सी टेक्नोलॉजी छिपी है इसमें ?

डेस्क ,आप पीएम के काले ब्रीफकेस का राज जानते हैं कि उसमें कितनी टेक्नोलॉजी छिपी है? लोग इसे लेकर तमाम तरह की अफवाहों पर यकीन कर बैठते हैं, जबकि यह एक लाइफ सेविंग गैजेट है। चलिए डिटेल में जानते हैं. . .

डेस्क ,आप पीएम के काले ब्रीफकेस का राज जानते हैं कि उसमें कितनी टेक्नोलॉजी छिपी है? लोग इसे लेकर तमाम तरह की अफवाहों पर यकीन कर बैठते हैं, जबकि यह एक लाइफ सेविंग गैजेट है। चलिए डिटेल में जानते हैं पीएम की काली अटैची का सच।

PM के साथ दिखने वाले ब्रीफकेस हैं लाइफ डिफेंस गैजेट

क्या आपका ध्यान पीएम मोदी के साथ चलने वाले बॉडीगार्ड्स के हाथ में मौजूद ब्रीफकेस पर गया है? आपने भी गौर किया होगा कि काले सूट और चश्मे पहने ये जांबाज कमांडो प्रधानमंत्री के साथ एक काला ब्रीफकेस लेकर चलते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस ब्रीफकेस में होता क्या है? लोगों के बीच अफवाहें आम हैं कि इस छोटे से बैग में परमाणु कोड या फिर किसी तरह का कोई गुप्त डॉक्युमेंट होता है। असल में यह बैग अपने आप में टेक्नोलॉजी का अद्भुत नमूना है, जो कि सिर्फ एक बटन दबाते ही प्रधानमंत्री को अभेद्य सुरक्षा दे सकता है। चलिए डिटेल में जानते हैं इसके बारे में।

टेक्नोलॉजी का नमूना पीएम का ब्रीफकेस

पीएम के ब्रीफकेस का टेक्निकल नाम पोर्टेबल बैलिस्टिक शील्ड है। देखकर इसे कोई भी एक ब्रीफकेस से ज्यादा कुछ नहीं समझ सकता। हालांकि अगर खतरा हो, तो इसे नीचे की ओर झटकते ही यह एक बुलेटप्रूफ दीवार में बदल जाता है। इस ब्रीफकेस में सिमटी टेक्नोलॉजी NIJ लेवल 3 की सुरक्षा दे सकती है। कहने का मतलब है कि छोटी सी अटैची एके-47 जैसी घातक राइफलों की गोलियों और छोटे हथियारों के सीधे हमले को रोक सकती है। इस ब्रीफकेस को बनाया ही इस तरह से गया है कि यह किसी हमले की स्थिति में शुरुआती चंद घंटों में जान की रक्षा कर सके।

हथियार और गैजेट का बेहतरीन तालमेल

रिपोर्ट्स के अनुसार,(REF.) पीएम के ब्रीफकेस को सिर्फ शील्ड भर कह देना काफी नहीं है, दरअसल यह हथियारों और गैजेट्स का बेहतरीन तालमेल है। यह ब्रीफकेस बुलेटप्रूफ दीवार बनने के साथ-साथ एक कंसील्ड पॉकेट यानी कि गुप्त जेब से भी लैस होता है। इस जेब में कमांडो एक पिस्तौल रखते हैं। ऐसे में सुरक्षा देने वाली यह दीवार मौका मिलते ही अटैक करने के काम भी आती है।

परमाणु कोड का मिथक और सच

इंटरनेट पर एक आम अफवाह देखने को मिलती है कि पीएम के साथ दिखने वाले ब्रीफकेस में परमाणु हमले के कोड होते हैं। हालांकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये अफवाह या कहानी से ज्यादा कुछ भी नहीं है। पीएम के साथ मौजूद रहने वाला ब्रीफकेस खुद उनकी रक्षा के लिए होता है। जानलेवा हथियारों के हमले रोक सकने वाली इस बुलेटप्रूफ दीवार का सिमट कर ब्रीफकेस बन जाना अपने आप में इंजीनियरिंग और टेक्निकल अजूबे से कम नहीं है। कहने का मतलब है कि यह ब्रीफकेस सिर्फ एक लाइफ सेविंग गैजेट होता है।

टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग का अजूबा

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम की सुरक्षा में मौजूद ब्रीफकेस को अगर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग का अजूबा कहा जाए, तो भी गलत नहीं होगा। इसकी सबसे बड़ी ताकत केवेलर (Kevlar) अल्ट्रा-हाई मॉलिक्यूलर वेट पॉलीथीन (UHMWPE) होती है। यह ब्रीफकेस एक तरह से सॉफ्ट आर्मर और हार्ड आर्मर का एक मिक्सचर होता है। इसके अलावा इसमें कई लेवल पर फाइबर की बुनी हुई परत होती है। यह परत किसी भी हमले के शॉक को काफी अच्छे से सोंख लेती है।
मैटीरियल और बनावट के बाद इस ब्रीफकेस की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी इसके ग्रेविटी असिस्टेड डिप्लॉयमेंट सिस्टम में मौजूद है। मतलब कि वह टेक्नोलॉजी जिससे यह एक ब्रीफकेस से बुलेटप्रूफ दीवार में बदल जाता है। इस ब्रीफकेस का बिना ज्यादा ताम-झाम के शील्ड में बदल जाना बेजोड़ टेक्नोलॉजी की मिसाल है।
यह काम इसमें मौजूद एक क्विक रिलीज लैच करता है, जिसे खींचते ही गुरुत्वाकर्षण के कारण यह फोल्डिंग पैनल नीचे की ओर गिरते हैं और एक सेकंड से भी कम समय में पूरी तरह खुल जाता हैं। इसकी तकनीक इतनी सॉलिड है कि एक बार खुलते ही यह ठोस दीवार बन जाता है, जिससे कवर के पीछे मौजूद व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के पूरी सुरक्षा मिलती है।

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