वॉशिगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन एक बड़ी बात होगी। इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा है कि, कभी कभी डर भी जरूरी होता है। इस बयान से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप और खामेनेई
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में युद्धपोतों की तैनाती बढ़ा दी है जिससे तनाव बढ़ने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुले तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को धमकी दी है और कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन ही एकमात्र उपाय है। ट्रंप ने ये भी कहा है कि कभी कभी डर भी जरूरी होता है। इस तरह से डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संभावना जता दी है कि वो क्या चाहते हैं।
उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि तेहरान में सत्ता परिवर्तन “सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है”, क्योंकि उनका प्रशासन सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। जब उनसे ईरान के इस्लामी धार्मिक नेतृत्व को सत्ता से हटाने के बारे में पूछा गया, तो ट्रम्प ने कहा, “ऐसा लगता है कि यही सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है।”
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका
इससे पहले ट्रंप ने बताया कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में एक दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है और इसका नाम यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड है जो कैरिबियाई सागर से रवाना होकर मिडिल ईस्ट पहुंचेगा और वहां पहले से तैनात अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य संसाधनों के साथ जुड़ जाएगा। इसके बाद ट्रंप ने कहा, ‘अगर हम कोई समझौता नहीं कर पाते, तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी और यह बहुत जल्द रवाना होगा।’
बता दें कि अमेरिका के युद्धपोत की यह तैनाती ऐसे वक्त हो रही है जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के साथ नए दौर की बातचीत की संभावना जताई थी, लेकिन ये बातचीत नहीं हो सकी। ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने ओमान और कतर का दौरा कर अमेरिकी मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान किया था। ट्रंप के इस बयान से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है।