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तीन साल बाद मुक्त हुए ‘राम’… छह लाख के बेल बांड पर रिहा हुए 60 करोड़ के भगवान, रामभक्तों में दिखा खासा उत्साह

कोईलवर (भोजपुर)। जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में बीते तीन वर्षों से सुरक्षित रखी गई राम दरबार की सात अष्टधातु मूर्तियां और एक मुकुट को मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर मुक्त कर दिया गया। सीजीएम न्यायालय में छह. . .

कोईलवर (भोजपुर)। जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में बीते तीन वर्षों से सुरक्षित रखी गई राम दरबार की सात अष्टधातु मूर्तियां और एक मुकुट को मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर मुक्त कर दिया गया। सीजीएम न्यायालय में छह लाख रुपये का बेल बांड भरने के बाद सभी मूर्तियों को विधिवत थाना मालखाना से रिहा किया गया। मूर्तियों की रिहाई के साथ ही क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

न्यायालय के आदेश पर मालखाना से मिली रिहाई

जानकारी के अनुसार, न्यायालय में निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने मूर्तियों को मालखाना से बाहर किया। रिहा की गई मूर्तियों में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लड्डू गोपाल सहित कुल सात अष्टधातु की मूर्तियां एवं एक मुकुट शामिल हैं। इन मूर्तियों को पुलिस अभिरक्षा में विधिवत सौंपा गया।

पूजा-पाठ के बाद रामजानकी मठ के लिए रवाना

थाना से रिहाई के बाद मूर्तियों का विधिवत पूजा-पाठ किया गया। इसके बाद उन्हें बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़का धकाईच स्थित रामजानकी मठ के लिए रवाना किया गया। इस मौके पर मठ के सचिव कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह एवं अधिवक्ता धनेश पांडेय उपस्थित रहे।

रामभक्तों में दिखा खासा उत्साह

तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद राम दरबार की मूर्तियों की रिहाई से क्षेत्र के रामभक्तों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने इसे आस्था की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की। मौके पर थानाध्यक्ष नरोतम चंद्र, अपर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार मंडल, पुष्कर कुमार एवं पूर्व मालखाना प्रभारी उपेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।

2023 में हुई थी मठ से मूर्तियों की चोरी

मालूम हो कि 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़की धकाईच स्थित रामजानकी मठ से राम दरबार की सात अष्टधातु मूर्तियां और एक मुकुट चोरी हो गए थे। चोरी के अगले ही दिन 22 जनवरी की सुबह कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियों को बरामद कर लिया था। इस दौरान एक चोर को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था।

करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई कीमत

बताया जाता है कि बरामद अष्टधातु की इन मूर्तियों की कीमत करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। मूर्तियों को मुक्त कराने के लिए बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी एवं कुसुम देवी द्वारा छह लाख रुपये का बेल बांड भरा गया।

तीन सौ साल पुरानी बताई जाती है मूर्तियों की परंपरा

रामजानकी मठ के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि पूर्वजों की मान्यता के अनुसार लगभग तीन सौ वर्ष पूर्व नेपाल के महाराजा द्वारा इन मूर्तियों की स्थापना मठ में कराई गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में भी मठ से मूर्ति चोरी की घटना हुई थी, जिसमें पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी। बाद में चोरी गई मूर्ति को 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र के पैसठवा घाट के पास से बरामद कर पुनः मठ में स्थापित किया गया था।

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