ढाका : बांग्लादेश में 13वें संसदीय आम चुनाव और रेफरेंडम के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप सामने आए हैं। कई इलाकों से ‘नाइट वोटिंग’, बूथ कब्जाने, मतदाताओं को पैसे बांटने, धमकाने और अवैध मतदान की शिकायतों ने चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झिनाइदाह जिले के झिनाइदाह-4 निर्वाचन क्षेत्र (कलिगंज और सदर) स्थित सलिमुन्नेसा गर्ल्स स्कूल पोलिंग सेंटर से चुनाव से ठीक पहले 23 खाली रिजल्ट शीट्स बरामद की गईं, जिन पर मतदान शुरू होने से पहले ही हस्ताक्षर किए गए थे। आरोप है कि ये शीट्स रात करीब 8 बजे बीएनपी (शेफ ऑफ पैडी प्रतीक) और जमात-ए-इस्लामी (स्केल प्रतीक) के पोलिंग एजेंट्स द्वारा हस्ताक्षरित की गई थीं। आज, नौगांव के कटखोइर हाई स्कूल सेंटर में बड़े पैमाने पर चुनाव में धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। प्रीसाइडिंग ऑफिसर नाज़िम उद्दीन वोटिंग दौरान वे खाली रिजल्ट शीट पर पहले से साइन और सील करते हुए पकड़े गए। जब उनसे पूछा गया, तो उनका बहाना था: “मैंने समय बचाने के लिए ऐसा किया।” क्या हमारे मैंडेट को ऐसे ही हैंडल किया जा रहा है? एडमिनिस्ट्रेशन ने उन्हें वापस बुला लिया है, लेकिन जनता के भरोसे को नुकसान पहले ही हो चुका है।
पीठासीन अधिकारी हटाए गए
Polling is today, counting happened last night.
— The Alternate Media (@AlternateMediaX) February 12, 2026
A Facebook video claims voting in Bangladesh’s Gazipur-2 was “completed at night,” thanking political leaders.
If true, ballots decided the result before voters did. pic.twitter.com/4eWR0TuZ9B
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सेलिम रेजा ने दस्तावेजों की पुष्टि के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रीसाइडिंग ऑफिसर जेसमिन आरा को पद से हटा दिया। उनकी जगह कलिगंज शहीद नूर अली कॉलेज के सीनियर लेक्चरर शम्सुज्जमां खान को नया पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस घटना ने ‘नाइट वोटिंग’ के आरोपों को और बल दिया है, जिसका अर्थ मतदान से पहले बैलेट या आधिकारिक दस्तावेजों में हेराफेरी से है। हालांकि, बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चुनाव आयोग ने भी विस्तृत जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
अवामी लीग समर्थकों के आरोप
Night Time Voting Festival Under Jamaat Leadership
— Bangladesh Awami League Media Cell (@ALBDMedia) February 12, 2026
In Satkania, Chattogram, ballots were reportedly cast under the cover of darkness, turning the promise of a “free and fair election” into a midnight festival of fraud.
Polling centre takeovers and overnight stamping have… pic.twitter.com/krYq96De5F
इस बीच, अवामी लीग समर्थकों ने भी कई क्षेत्रों में मतदान से पहले वोट डालने, बूथ कब्जाने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कई इलाकों में पैसे बांटने और फर्जी बैलेट सामने आने के दावे किए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव के दौरान हेलीकॉप्टर, ड्रोन, बॉडी-कैमरा और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है, जबकि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।