काठमांडू। नेपाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के खिलाफ पीएम बलेन शाह लगातार एक्शन में नजर आ रहे हैं। बालेन शाह ने अपनी सरकार के ही एक मंत्री को पद के दुरुपयोग के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई सरकार के गठन के महज 15 दिन के भीतर की गई है, जिससे साफ संकेत मिला है कि नई सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
दरअसल, श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीप कुमार शाह पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए अपनी पत्नी को हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड में दोबारा नियुक्त करवाया। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने जांच कर कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत फैसला लेते हुए मंत्री को पद से हटा दिया।
क्या था मंत्री पर लगा आरोप?
दीप कुमार शाह पर आरोप था कि उन्होंने अपनी पत्नी का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी उन्हें दोबारा नियुक्त कराने में भूमिका निभाई। इसे पद के दुरुपयोग और नैतिकता के खिलाफ माना गया। पार्टी की अनुशासन समिति ने इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर कार्रवाई हुई।
क्या पार्टी ने भी सख्त रुख अपनाया?
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवी ने खुद प्रधानमंत्री से कार्रवाई की सिफारिश की थी। पार्टी ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार या पद के गलत इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस फैसले से सरकार की साफ-सुथरी छवि बनाए रखने की कोशिश दिखाई दे रही है।
क्या अन्य मंत्री पर भी कार्रवाई हुई?
इस मामले में स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री निशा मेहता को भी चेतावनी दी गई है। उन पर आरोप था कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। प्रधानमंत्री ने उन्हें भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की हिदायत दी है।
दीप कुमार शाह को हटाने के बाद प्रधानमंत्री ने खुद श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। हाल ही में सत्ता में आई सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया था। ऐसे में यह कार्रवाई उसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है और इससे नेपाल की राजनीति में नई सख्ती का संदेश गया है।