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पश्चिम एशिया की जंग से दहला शेयर बाजार, सुबह-सुबह 10 लाख करोड़ साफ, सेंसेक्स 1710 और निफ्टी 476 अंक की गिरावट के साथ खुले

नई दिल्ली। ईरान के साथ चल रही जंग के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बुधवार, 4 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और. . .

नई दिल्ली। ईरान के साथ चल रही जंग के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बुधवार, 4 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखी गई। सुबह लगभग 9:17 बजे निफ्टी 50 करीब 517 अंक यानी लगभग 2.06 फीसदी टूटकर 24,344 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, सेंसेक्स भी करीब 1,700 अंक या 2.17 फीसदी गिरकर 78,596 के स्तर तक आ गया। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 454 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले सत्र के मुकाबले करीब 10 लाख करोड़ रुपये कम है। बड़े शेयरों में बिकवाली के साथ-साथ ब्रॉड मार्केट में कमजोरी ने कुल वैल्यूएशन पर दबाव डाला।
शेयर बाजार में कमजोरी का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत रहे। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी बाजारों पर भी नजर आ रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। निवेशकों को आशंका है कि अगर हालात और बिगड़े तो तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
इसी अनिश्चित माहौल में सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है। गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमतें लगभग 5,174 डॉलर के आसपास पहुंच गईं।

सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

4 मार्च को बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। निफ्टी 476 अंक टूटकर 24,388 के पास खुला, जबकि सेंसेक्स 1,710 अंक गिरकर 78,528 पर ओपन हुआ। दोनों इंडेक्स अपने ओपनिंग लेवल पर ही हाई और लो दिखा रहे हैं, जो संकेत देता है कि बाजार में शुरुआत से ही भारी गैप-डाउन दबाव था। इससे पहले BSE सेंसेक्स प्री-ओपनिंग मे जहां 3000 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 77906 अंक तक गिर गया। वहीं, निफ्टी प्री ओपनिंग में 709 अंक तक गिरकर 24,156 तक चला गया।

निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स

आज के कारोबार में निफ्टी के अधिकांश शेयर दबाव में दिखे, जहां भारीवेट L&T में करीब 6% की तेज गिरावट ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में भी कमजोरी रही, जिससे टाटा स्टील, श्रीराम फाइनेंस और अदाणी पोर्ट्स जैसे स्टॉक्स टॉप लूजर में रहे। दूसरी ओर, चुनिंदा ऑयल, डिफेंस और आईटी शेयरों में हल्की खरीदारी दिखी, जहां कोल इंडिया, ओएनजीसी, इंफोसिस और BEL ने बाजार को कुछ सपोर्ट दिया। कुल मिलाकर बाजार का मूड कमजोर रहा और ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली हावी दिखी।

ब्रॉड मार्केट में ज्यादा चोट

निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5% से ज्यादा फिसले। 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने वाले शेयरों की संख्या 600 के पार रही, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है।

सेक्टरों में बिकवाली

ऑटो, ऑयल एंड गैस, PSU बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में 2% तक की गिरावट रही। IT और फाइनेंशियल शेयर भी दबाव में रहे। मेटल और फार्मा सेक्टर में सीमित स्थिरता दिखी।

बढ़ता जा रहा निवेशकों में डर

पिछले पांच कारोबारी सत्रों में निफ्टी VIX में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। वोलैटिलिटी इंडेक्स करीब 50% उछलकर 20 के स्तर पर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ती घबराहट और अनिश्चितता का संकेत देता है। आमतौर पर VIX में तेज बढ़ोतरी तब होती है जब निवेशक आगे बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका में हेजिंग बढ़ा देते हैं। मौजूदा तेजी से साफ है कि बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और ट्रेडर्स को आने वाले दिनों में निफ्टी में बड़े मूव की उम्मीद है।

आगे की राह

India VIX में तेज उछाल यह संकेत देता है कि बाजार में अस्थिरता फिलहाल बनी रह सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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