डेस्क। पाकिस्तान सरकार अपनी टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए श्रीलंका दौरे की अनुमति दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ नहीं खेलने का फैसला किया है। हालांकि इसके पीछे की कोई खास वजह नहीं बताई है। वहीं, आईसीसी का कहना है कि इस बारे में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब वर्ल्ड कप में किसी देश ने किसी टीम का बॉयकॉट किया है। इससे पहले भी कई टीम बहिष्कार कर चुकी हैं। एक बार जब न्यूजीलैंड ने बॉयकॉट किया था तो इसका सीधा फायदा भारत को मिला था और अब भी ऐसा ही होने की उम्मीद है।
सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने किया वर्ल्ड कप का बहिष्कार
सबसे पहले वर्ल्ड कप का बहिष्कार ऑस्ट्रेलिया ने किया था। 1996 में भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान की मेजबानी में खेले गए उस वनडे वर्ल्ड कप के दौरान कोलंबो आतंकी हमला हुआ था, जिसके बाद सुरक्षा चिंताओं के चलते क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट का बहिष्कार कर दिया था। इसके चलते श्रीलंका को वॉकओवर का फायदा मिला था।
ऑस्ट्रेलिया के बाद वेस्टइंडीज ने भी किया बॉयकॉट
ऑस्ट्रेलिया के बाद वेस्टइंडीज ने भी भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान की मेजबानी में खेले जा रहे 1996 के वर्ल्ड कप के दौरान आतंकी हमले को देखते हुए बॉयकॉट कर दिया था। इसका परिणाम ये हुआ कि श्रीलंका को दो वॉकओवर मिले और फाइनल में भारत को हराकर उसने वर्ल्ड कप का खिताब जीता।
2003 में इंग्लैंड ने किया था बहिष्कार
2003 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, केन्या और जिम्बाब्वे की मेजबानी में खेला गया था। इंग्लैंड ने राजनीतिक अशांति और ब्रिटिश सरकार के निर्देश पर जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते जिम्बाब्वे को वॉकओवर दिया गया।
न्यूजीलैंड के बहिष्कार का भारत को हुआ फायदा
2003 के वर्ल्ड कप में ही न्यूजीलैंड ने भी केन्या के खिलाफ सुरक्षा चिंता जताते हुए खेलने से इनकार कर दिया था। इसके चलते केन्या को वॉकओवर मिला और वह सेमीफाइनल में पहुंच गई। लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा भारत को हुआ। उसने केन्या को आसानी से हरा फाइनल में जगह बनाई, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
वर्ल्ड कप में बॉयकॉट करने वाली पांचवीं टीम बनी पाकिस्तान
अब 2026 के टी20 वर्ल्ड में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है। इसके पीछे की वजह बांग्लादेश का सपोर्ट बताया जा रहा है। इसके परिणाम क्या होंगे ये अभी तय नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ नहीं खेलता है तो इसका सीधा फायदा भारतीय टीम को होगा।