चेन्नई। तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पीएम मोदी को लेकर दिए बयान को लेकर डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने विपक्षी AIADMK-BJP गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्तारूढ़ DMK को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डर नहीं लगता, उनके पिता आ जाएं तब भी नहीं।
कोयंबटूर में डीएमके युवा विंग के कार्यक्रम में स्टालिन ने AIADMK प्रमुख एडप्पडी के. पलानीस्वामी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 10 बार हार झेल चुके पलानीस्वामी को सत्ता से बाहर करना होगा।
बयान के बाद राजनीति हुई तेज
डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद विपक्षी दल भड़क गए और उन्होंने स्टालिन पर निशाना साधा। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने डीएमके को बिना संवेदना, नैतिकता और मर्यादा वाली पार्टी बताया। इसके अलावा, हाल ही में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा AI समिट में किए गए प्रदर्शन और स्टालिन के सनातन धर्म संबंधी पुराने बयान का भी जिक्र किया।
‘पीएम के पिता को बना रहे निशाना’
पूनावाला ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने पहले हिंदुओं के खिलाफ बयान दिए और अब प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को निशाना बना रहे हैं। वहीं बीजेपी की तेलंगाना इकाई के प्रमुख एन. रामचंदर राव ने भी कहा कि यह टिप्पणी डीएमके की हताशा दिखाती है। उनके अनुसार आगामी चुनाव में हार की आशंका के कारण सत्तारूढ़ दल व्यक्तिगत हमले कर रहा है।
राज्य के अधिकारों से नहीं होगा समझौता
वहीं उदयनिधि स्टालिन ने चुनाव को तमिलनाडु बनाम दिल्ली की लड़ाई बताते हुए कहा कि मोदी के टीवी पर आने से लोग नई घोषणाओं से डरते हैं, जबकि मुख्यमंत्री के आने पर लोग नई योजनाओं की उम्मीद करते हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं होगा और डीएमके को प्रधानमंत्री से कोई डर नहीं है।