नई दिल्ली। वैसे तो सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर कई बार सुनवाई हुई लेकिन आज की सुनवाई काफी अहम है। बंगाल SIR को लेकर खुद ममता बनर्जी आज सुप्रीम में मौजूद होंगी। साथ ही बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी मामले में राज्य की तरफ से खुद वकालत कर सकती है। ममता बनर्जी के पास कानून की डिग्री बताई जा रही है। ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में बंगाल SIR पर कुल 4 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं।
ममता बनर्जी ने खुद केस लड़ने की मांगी इजाजत
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में SIR मामले में नई अर्जी दायर कर अपना पक्ष खुद रखने की इजाजत मांगी है। ममता ने अपनी याचिका में कहा है कि मुझे इस केस में तथ्यों और हालात की पूरी जानकारी है। मैं एक सूबे की मुख्यमंत्री और टीएमसी पार्टी के चेयरपर्सन हूं। कोर्ट के कामकाज के तरीके ,अनुशासन से बखूबी वाकिफ हूं। अगर कोर्ट में मैं अपनी बात खुद रखती हूं तो कोर्ट को इस मामले के निपटारे में मदद मिलेगी।
TMC ने किया पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के पहुंचते ही टीएमसी ने एक ट्वीट किया है। इसमें लिखा है कि जनता के हित में आवाज उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। आज का दिन पूरे देश और विश्व के लिए एक मिसाल बनेगा।
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से की मांग
सुप्रीम कोर्ट में SIR की सुनवाई से पहले ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की है। इसमें ममता ने SC से मांग की 3 मांगे की हैं।
– यह सुनिश्चित किया जाए कि 2022 की वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम न हटाया जाए
– यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वोटर का वोट देने का अधिकार न छीना जाए
– आधार, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, पंचायत निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना डेटा, भूमि या घर आवंटन प्रमाण पत्र और राज्य के सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए अन्य दस्तावेज़ ECI द्वारा स्वीकार किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट में सख्त हुई सुरक्षा
एसआईआर पर सुनवाई के लिए सीएम ममता बनर्जी आज सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में सुरक्षा सख्त कर दी गई है।
ममता को मिला शिवसेना (यूबीटी) का साथ
मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल और अन्य चुनाव वाले राज्यों में जिस तरह से एसआईआर की कार्यवाही हो रही है, वह एकतरफा है। चुनाव आयोग वही कर रहा है जो भाजपा उनसे करने को कह रही है। ईडी, सीबीआई और आईटी पहले से ही ऐसा कर रहे थे; अब चुनाव आयोग भी इसमें शामिल हो गया है। मैं ममता बनर्जी के इस कदम का समर्थन करती हूं। वह कानूनी लड़ाई डटकर लड़ रही हैं। अगर भाजपा की यह मनमानी जारी रही, तो हम भी लड़ेंगे – चाहे महाभियोग प्रस्ताव के जरिए हो या किसी भी कानूनी प्रक्रिया के जरिए।