डेस्क। पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजनीति तेज हो गई है। सीएम ममता बनर्जी लगातार चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर लगातार हमला कर रही हैं। इसी बीच सीएम बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR) अभियान के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने न सिर्फ इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, बल्कि दिल्ली में निर्वाचन सदन जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के लिए खुद टीएमसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
मुलाकात के बाद सीएम बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल का “अपमान” किया और आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। इससे पहले उन्होंने दिल्ली में बंग भवन के बाहर तैनात पुलिस पर भी आरोप लगाए कि SIR प्रभावित परिवारों को परेशान किया जा रहा है।
चुनावी मोड में आई ममता
14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद चुनाव तारीखों की घोषणा संभावित है; ऐसे में ममता पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी हैं। वह SIR विवाद को भाजपा के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं ताकि बेरोजगारी, उद्योगों की कमी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विपक्ष के हमलों को कमजोर किया जा सके।
ममता के सामने और क्या चुनौती
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हमलों का भी ममता सामना कर रही हैं। पीएम मोदी ने सिंगुर से टीएमसी सरकार को “एंटी-इंडस्ट्री” बताया, जिसके जवाब में ममता ने हजारों करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की।
इसके साथ ही ईडी की कार्रवाई, संभावित कानूनी संकट और हिंदू मतदाताओं को साधने के प्रयास—इन सभी मोर्चों पर ममता बनर्जी एक साथ जंग लड़ रही हैं। अल्पसंख्यक समर्थन को मजबूत करने और हिंदू वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति के साथ वह 2026 के चुनाव से पहले पूरी ताकत झोंक चुकी हैं।
CEC पर गंभीर आरोप, पश्चिम बंगाल में एक्शन में ED
चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर शुरु हुई सियासी लड़ाई अब कोलकाता से निकलकर दिल्ली पहुंच गई है। SIR पर दिल्ली में ममता की मोर्चेबंदी के बीच मंगलवार को बंगाल में ईडी एक्शन में दिखाई दी और राज्य में 12 से अधिक स्थानों पर छापा मारा। कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ईडी की टीम ने आज कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल सहित कई स्थानों पर कार्रवाई की हैं। वहीं ममता बनर्जी ने बंगाल पुलिस को दिल्ली बुला लिया है।
राज्य में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले SIR को लेकर बेहद हमलावर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब दिल्ली में आ डटी है। SIR में गड़बड़ियों को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी का एक प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिला। सीईसी के साथ ममता बनर्जी की यह बैठक भी विवादों में रही। ममता बनर्जी अपने साथ ऐसे 13 लोगों को लेकर भी पहुंची जिन्हें SIR में मृत घोषित कर दिया गया ह।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक में दोनों पक्षों के बीच तनातनी इतनी बढ़ी की ममता बनर्जी बैठक बीच में छोड़कर बाहर निकल गई। इसके बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगा दिए। इसके साथ उन्होंने कहा कि जानबूझकर सिर्फ पश्चिम बंगाल को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि SIR में बंगाल 58 लाख लोगों के नाम काट दिए गए है। ममता बनर्जी ने सीईडी ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया। ममता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मतदाताओं के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाया, तो CEC ने उनकी बात सुनने के बजाय फाइलें फेंक दीं और कहा मैं यहाँ आपकी बात सुनने नहीं बैठा हूँ।