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बिहार में पूर्व आईपीएस अमिताभ दास गिरफ्तार, सीएम नीतीश के बेटे पर टिप्पणी के बाद हुई बड़ी कार्रवाई!

पटना। बिहार की राजधानी पटना (से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस ने पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ दास को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पाटलिपुत्र स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट से हिरासत में लिया गया। बताया. . .

पटना। बिहार की राजधानी पटना (से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस ने पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ दास को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पाटलिपुत्र स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट से हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के वक्त भारी संख्या में पुलिस बल उनके आवास पर मौजूद था।
अमिताभ दास के खिलाफ पटना के चित्रगुप्त नगर थाने में अफवाह फैलाने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल जांच कराने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की है। आइए जानतें हैं अमिताभ दास ने ऐसा क्या बयान दिया था जिससे बवाल मच गया…

सीएम नीतीश के बेटे का DNA टेस्ट कराने की उठाई थी मांग

दरअसल, नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अमिताभ दास लगातार मुखर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक बेहद विवादास्पद बयान देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम इस केस से जोड़ा था। उन्होंने मांग की थी कि इस मामले की तह तक जाने के लिए सीएम के बेटे का DNA टेस्ट करवाया जाना चाहिए।

भ्रामक खबरें और अफवाह फैलाने का मुकदमा दर्ज

साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में आने-जाने वाले लोगों के सैंपल्स की जांच की बात भी कही थी। इसी बयान को आधार बनाकर पुलिस ने उन पर भ्रामक खबरें और अफवाह फैलाने का मुकदमा दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) में एक नीट छात्रा की मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया था। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था, लेकिन बाद में दुष्कर्म की आशंका भी सामने आई।

छात्रा के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

इस हाई-प्रोफाइल केस में छात्रा के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि जांच को बार-बार गुमराह किया गया-कभी इसे सुसाइड बताया गया, तो कभी रेप की पुष्टि कर फिर मुकर गए। परिजनों ने यहां तक आरोप लगाया कि डीजीपी ने उन्हें बुलाकर मामले को आत्महत्या मानने का दबाव बनाया था।

CBI जांच की सिफारिश

फिलहाल, परिवार इस पूरी घटना की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) की मांग कर रहा है, जबकि बिहार सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए CBI जांच की सिफारिश की है।

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