पटना । बिहार सरकार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। इस बार का बजट 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का है, जो पिछले बजट 3.16 लाख करोड़ रुपये से लगभग 21 हजार करोड़ रुपये अधिक है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बजट का आकार लगातार बढ़ा है।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कही ये बात
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान से बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बिहार की आर्थिक वृद्धि 14.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। बिजेंद्र यादव ने 12 मिनट में बजट का भाषण पूरा किया।
’94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य’
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1.56 करोड़ महिला सदस्यों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही उनके व्यवसाय को और बढ़ावा देने के लिए 2 लाख रुपये अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। साथ ही हॉट बाजार के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को और प्रोत्साहन मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश समावेशी विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
3.47 लाख करोड़ का बजट हुआ पेश
वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार राज्य का बजट आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट 3,16,895.02 करोड़ रुपये से 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। इस वर्ष वार्षिक स्कीम का बजट अनुमान 1,22,155.42 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 1,16,750 करोड़ रुपये से 5,405.42 करोड़ रुपये अधिक है। वहीं, स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय का बजट अनुमान 2,25,434.34 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के 2,00,135.42 करोड़ रुपये से 25,298.92 करोड़ रुपये अधिक है। कुल व्यय में स्कीम व्यय का हिस्सा 35.14 प्रतिशत जबकि स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय का हिस्सा 64.86 प्रतिशत है। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल पूंजीगत व्यय 63,455.84 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है, जो कुल व्यय का 18.26 प्रतिशत बनता है।
जनता का आभार जाताया
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा, “बिहार की जनता का आभार करता हूं जिन्होंने इस सरकार को फिर से अपना जनादेश प्रदान किया। इससे हमें बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त और समावेशी विकास वाला राज्य बनाने के अपने सपने को मजबूती देने का अवसर मिला।”