कोलकाता। कोलकाता और चीन के शहर शंघाई के बीच सोमवार सुबह से सीधी हवाई सेवा शुरू हो गई है। इस नई सेवा का औपचारिक शुभारंभ महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर द्वारा किया गया। दिल्ली के बाद अब कोलकाता भारत का दूसरा बड़ा शहर बन गया है, जहां से शंघाई के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी।
इंडिगो (IndiGo) और एयर इंडिया (Air India) दोनों प्रमुख भारतीय एयरलाइंस ने अब भारतीय मेट्रो शहरों से शंघाई के लिए अपनी उड़ानें शुरू कर दी हैं। कोलकाता और शंघाई के बीच इस सीधे जुड़ाव से भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास को काफी गति मिलेगी। कोलकाता एक गेटवे के रूप में कार्य करेगा, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इंडिगो का नया अंतर्राष्ट्रीय विस्तार
भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने कोलकाता और शंघाई के बीच रोज़ाना नॉन-स्टॉप फ्लाइट की शुरूआत कर दी है। यह सर्विस 29 मार्च 2026 से शुरू हुई है और A320neo विमान से ऑपरेट की जाएगी. दोनों देशों के बीच प्रतिदिन सीधी उड़ानें होने के चलते पूर्वी भारत और चीन की वित्तीय राजधानी के बीच हवाई संपर्क और भी मजबूत होगा।
कोलकाता से शंघाई फ्लाइट का समय
इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कोलकाता से शंघाई के लिए फ्लाइट 6E 1709 रात 9:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 4:40 बजे शंघाई पहुंचेगी। वापसी में फ्लाइट 6E 1710 शंघाई से सुबह 5:40 बजे उड़ेगी और कोलकाता सुबह 9:05 बजे लैंड करेगी. सभी टाइमिंग लोकल टाइम जोन के हिसाब से हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती से पहले शुरू हुई सेवा
दरअसल, कोलकाता और शंघाई का रिश्ता बहुत पुराना है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने 1924 से 1929 के बीच तीन बार शंघाई की यात्रा की थी। शंघाई में उनकी दो मूर्तियां भी लगी हैं। यह फ्लाइट अप्रैल में होने वाली रवींद्र जयंती से ठीक पहले शुरू की गई है।
यह नई कनेक्टिविटी पूर्वी भारत (कोलकाता) और पूर्वी चीन (शंघाई) के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाएगी। इससे व्यापार करना और एक-दूसरे के देश आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा।
पहली बार 2000 में शुरू हुई थी उड़ान सेवा
बता दें कि भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें पहली बार अक्टूबर 2000 में शुरू हुई थीं। हालांकि, साल 2020 में कोविड-19 महामारी के आने और उसके बाद सीमा पर बढ़े तनाव के चलते इन उड़ानों को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। लगभग 6 साल तक दोनों देशों के बीच कोई सीधी उड़ान नहीं थी और लोगों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए यात्रा करनी पड़ रही थी।