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भारत ने UN में खोली पाकिस्तान की पोल, ऑपरेशन सिंदूर पर झूठ का पर्दाफाश, कहा – ‘हमारे देश को नुकसान पहुंचाना ही एकमात्र एजेंडा…’,

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान को घेरा है। इस दौरान उन्होंने आपरेशन सिंदूर पर झूठ फैलाने से लेकर जम्मू कश्मीर, आतंकवाद. . .

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान को घेरा है। इस दौरान उन्होंने आपरेशन सिंदूर पर झूठ फैलाने से लेकर जम्मू कश्मीर, आतंकवाद समेत 27वें संशोधन पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा-हमारे देश (भारत) और हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाना पाक का एकमात्र एजेंडा है। पाकिस्तान पहले ही आपरेशन सिंदूर पर झूठे दावे कर चुका है। हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का सदन पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को वैधता देने का मंच नहीं बन सकता है। भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।

आपरेशन सिंदूर पर झूठ का पर्दाफाश

हरीश ने कहा- 9 मई 2025 तक पाकिस्तान लगातार भारत पर हमले करने की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को अचानक पाक सेना ने भारतीय सेना से संपर्क किया और सीजफायर करने की गुजारिश की। आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह कर दिए थे। टूटे हुए रनवे और जले हैंगर्स की तस्वीरें भी सार्वजनिक की गईं थीं।

हरीश ने दी पाकिस्तान को चेतावनी

हरीश ने चेतावनी देते हुए कहा-पाकिस्तान के प्रतिनिधि सबकुछ सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूं कि जब तक उनके देश में आतंकवाद है, तब तक कुछ भी सामान्य नहीं हो सकता है। पाकिस्तान आतंकवाद को हथियार बनाकर भारत के खिलाफ इस्तेमाल करता रहा है। ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

27वें संशोधन पर सवाल

भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान के 27वें संशोधन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा- पाकिस्तान को फिर से आत्मनिरीक्षण करने की सख्त जरूरत है। इसकी शुरुआत 27वें संशोधन से हो सकती है, जिसके जरिए सेना को तख्तापलट करने और कुछ चुनिंदा नुमाइंदों को आजीवन सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ कर दिया गया है।

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