मुंबई। दिल्ली कैपिटल्स और mumbai इंडियंस के बीच हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान टिकटों की भारी कालाबाजारी और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस घटना ने क्रिकेट जगत को सन्न कर दिया है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर स्टेडियम प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े बड़े नामों पर उंगलियां उठ रही हैं।
दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के एक सीनीयर डायरेक्टर ने स्टेडियम में चल रहे इस फर्जीवाड़े का कच्चा चिट्ठा खोला है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और मुंबई के मैच के दौरान कई ऐसे लोग स्टेडियम में वीआईपी स्टैंड्स में बैठे पाए गए, जिनके पास वैध टिकट नहीं थे।
जांच में पता चला कि सुरक्षाकर्मियों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी पास और जाली टिकटों के जरिए लोगों को अंदर प्रवेश दिया गया। इस IPL सीजन में स्टेडियम की सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध लगना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
IPL के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
आरोपों के मुताबिक, स्टेडियम के गेटों पर तैनात सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर बिना टिकट वाले दर्शकों को एंट्री दी। डीडीसीए निदेशक ने आरोप लगाया है कि इस आईपीएल घोटाले में कुछ प्रभावशाली अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं
जो पिछले दरवाजे से टिकटों की कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहे हैं। मैच के दौरान जब सीटिंग क्षमता से अधिक भीड़ देखी गई, तब जाकर इस गड़बड़ी का अहसास हुआ। पुलिस ने अब इस मामले में स्टेडियम के कुछ कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों से पूछताछ शुरू कर दी है।
फैंस के उत्साह पर फिरा पानी
क्रिकेट प्रेमी आईपीएल के मैचों के लिए अपनी गाढ़ी कमाई खर्च कर महंगे टिकट खरीदते हैं, लेकिन इस तरह के घोटालों से उनका भरोसा टूटता है। दिल्ली में हुए इस घटना ने फैंस के मन में डर ला दिया है कि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी भ्रष्टाचार जड़ें जमाए हुए है।
फिलहाल, बीसीसीआई ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले IPL मैचों में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
यह घटना उन सभी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक चेतावनी है जो अनाधिकृत स्रोतों से IPL टिकट खरीदने की कोशिश करते हैं। स्टेडियम के भीतर मौजूद इस काली भेड़ का पर्दाफाश होना क्रिकेट रोमांच बने रहने के लिए बेहद जरूरी है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली पुलिस की जांच में और कितने बड़े चेहरों के नाम सामने आते हैं।