Home » देश » मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे युमनाम खेमचंद सिंह, चुने गए विधायक दल के नेता, 2022 में भी थी इनके सीएम बनने की चर्चा

मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे युमनाम खेमचंद सिंह, चुने गए विधायक दल के नेता, 2022 में भी थी इनके सीएम बनने की चर्चा

नई दिल्ली। मणिपुर में आगामी 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म होना वाला था। इससे पहले ही एनडीए में सरकार बनाने को लेकर कवायद तेज हो गई थी। इस बीच भाजपा विधायक दल की बैठक में मंगलवार को युमनाम खेमचंद. . .

नई दिल्ली। मणिपुर में आगामी 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म होना वाला था। इससे पहले ही एनडीए में सरकार बनाने को लेकर कवायद तेज हो गई थी। इस बीच भाजपा विधायक दल की बैठक में मंगलवार को युमनाम खेमचंद को विधायक दल का नेता चुना गया। इसी के साथ युमनाम खेमचंद के मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।

बीरेन सिंह ने खिलाई मिठाई


मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दिया। उसके बाद से राज्य में लगातार बीजेपी की तरफ से नए मुख्यमंत्री की तलाश जारी थी। बीजेपी विधायक दल की बैठक में बीजेपी नेता संबित पात्रा और तरुण चुग भी मौजूद रहे। संबित पात्रा मणिपुर के प्रभारी हैं। पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह ने विधायक दल के नेता चुने गए खेमचंद सिंह को मिठाई खिलाकर बधाई दी। युमनाम खेमचंद सिंह की उम्र 62 साल है। उनका जन्म 1 मार्च, 1963 को हुआ था।

कौन हैं युमनाम खेमचंद?

  1. मणिपुर की राजनीति में अनुभवी नेता
    युमनाम खेमचंद मणिपुर भाजपा के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। 62 वर्षीय युमनाम मौजूदा समय में मणिपुर की राजधानी इंफाल की सिंगजामेई सीट से विधायक हैं। खेमचंद 2012 से ही इस सीट से जीतते आ रहे हैं। हालांकि, उनकी शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से हुई। 2012 में वे इसी पार्टी के टिकट पर पहली बार चुनाव जीते थे।
    बाद में युमनाम भाजपा में शामिल हो गए और 2017 और 2022 में लगातार इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की। 2017 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें मणिपुर विधानसभा का स्पीकर भी नियुक्त किया और वे राज्य में भाजपा की सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले नेता बने।
    युमनाम बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी बने। बताया जाता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव, जिसमें भाजपा ने 32 सीटें जीती थीं, उसके नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में होड़ मच गई थी। दरअसल, एन बीरेन सिंह को तब भाजपा के दूसरे नेता थोंगम बिस्वजीत सिंह से चुनौती मिली थी। इस दौरान खबरें आई थीं कि भाजपा ने युमनाम खेमचंद सिंह को भी दिल्ली बुलाया है और मुख्यमंत्री के तौर पर उनके नाम की भी चर्चा चल रही है। हालांकि, बाद में एन. बीरेन सिंह ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और सीएम पद अपने पास रखने में कामयाब हुए। बीरेन सिंह सरकार में खेमचंद को शिक्षा, आवास विकास, निकाय प्रशासन समेत कई मंत्रालय सौंपे गए।
Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम