नई दिल्ली। मध्य पूर्व में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को बंद करने या पाबंदियां लगाने के कारण वैश्विक उड़ानों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एअरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है।
भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं
15 मार्च 2026 के लिए निर्धारित कई ‘एड-हॉक’ उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि दुबई एअरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के कारण उसे अपनी उड़ानें कम करने पर मजबूर होना पड़ा है। एअर इंडिया की दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट संचालित होगी, जबकि पांच में से चार निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
मिडिल ईस्ट संकट से हवाई सफर प्रभावित, भारत में 180 फ्लाइट्स कैंसिल
एडवाइजरी जारी एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई के लिए छह में से पांच उड़ानें रद्द हैं, केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट चलेगी। अबू धाबी के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांचों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। शारजाह: एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। रास अल खैमाह: कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें चलेंगी।
कंपनी ने साफ किया है कि ये उड़ानें भी स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन के समय की स्थितियों पर निर्भर करेंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।