कोलकात। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र के जवाब में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है। अपने पत्र में शुभेंदु ने मुख्यमंत्री के आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि वे राजनीतिक उद्देश्य से एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं
शुभेंदु अधिकारी ने लिखा कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इस प्रक्रिया के खिलाफ निराधार बयान देकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं।
ममता बनर्जी ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा था चौथा पत्र
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त को चौथा पत्र लिखा था। उस पत्र में उन्होंने एसआईआर सुनवाई के दौरान मतदाताओं को परेशान किए जाने पर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन, कवि जय गोस्वामी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी और अभिनेता-सांसद दीपक अधिकारी (देव) को सुनवाई का नोटिस भेजे जाने की भी आलोचना की थी। साथ ही, उन्होंने आम लोगों की परेशानियां कम करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया था। टाइप किए गए पत्र के अंत में मुख्यमंत्री ने हाथ से दो पंक्तियां लिखते हुए कहा था कि उन्हें पता है कि शायद इस पर कोई जवाब नहीं मिलेगा, फिर भी अपनी बात रखना उनका कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री के हर आरोप को तर्क के साथ खारिज किया
मुख्यमंत्री के पत्र के 24 घंटे के भीतर ही शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाबी चिट्ठी भेज दी। इससे पहले भी वे ममता बनर्जी के पत्रों के तुरंत बाद इसी तरह पत्र लिखते रहे हैं। इस बार भी शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि उनका पत्र मुख्यमंत्री की तीन पन्नों की चिट्ठी के जवाब में है। उन्होंने भी तीन पन्नों के पत्र में मुख्यमंत्री के हर आरोप को तर्क के साथ खारिज किया है।
अपने पत्र में शुभेंदु ने मुख्यमंत्री के उस दावे को भी झूठा बताया, जिसमें कहा गया था कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 77 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे के समर्थन में कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने कोरोना काल के दौरान हुई मौतों का उदाहरण भी दिया।
अमर्त्य सेन समेत अन्य प्रतिष्ठित लोगों को नोटिस भेजे जाने के मुद्दे पर शुभेंदु ने तर्क दिया कि कानून के सामने सभी समान हैं। पत्र के अंत में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से आग्रह किया कि वे इस तरह की “भटकाने वाली रणनीतियों” को नजरअंदाज कर एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करें।