नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध का दूसरी महीना चल रहा है। इस दौरान युद्ध प्रभावित क्षेत्र में जंग की वजह से अबतक 8 भारतीयों की जान जा चुकी हैं। आखिरी भारतीय की जान रविवार को कुवैत में चली गई।
कुवैत में एक डीसैलिनैशन प्लांट पर हुए हमले में एक भारतीय कामगार की मौत हो गई। कुवैत में मौजूद भारतीय दूतावास ने मृत भारतीय की ज्यादा जानकारी शेयर किए बिना एक्स पर इसकी जानकारी सोमवार को दी।
भारतीय दूतावास कुवैत सरकार से संपर्क में
कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है, ‘कल कुवैत में एक डीसैलिनैशन फैसिलिटी पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत पर कुवैत स्थित भारतीय दूतावास गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है। दूतावास हर संभव सहायता के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय में जुटा है।’
कुवैत के मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रिसिटी ने दी जानकारी
कुवैत में एक भारतीय के साथ हुई घटना पर कुवैत के मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रिसिटी की ओर से भी बयान दिया गया है। इस बयान में कहा गया है-
ईरान ने हमले पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
इस हमले के बारे में ईरान की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। जबकि, कुवैत सरकार का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया का कहना है कि हमले की वजह से प्लांट को बहुत ही ज्यादा नुकसान हुआ है।
मिडिल ईस्ट में कहां-कहां हुई भारतीयों की मौत?
- ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी, 2026 को हमला शुरू किया।
- तब से लेकर अबतक आठ भारतीयों की मौत हो गई। खाड़ी देशों में मरने वाले भारतीयों की संख्या-
- कुवैत- 1
- सऊदी अरब- 1
- संयुक्त अरब अमीरात-1
- ओमान- 2
- जहाजों पर हुए हमलों में- 3
पश्चिम एशिया में रहते हैं करीब एक करोड़ भारतीय
- 24 मार्च को यूएई में जब अबू धावी की सड़कों पर एक इंटसेप्टर मिसाइल का मलबा गिरा तो उसमें दो लोगों की जान चली गई, जिसमें एक भारतीय शामिल था।
- 18 मार्च को सऊदी अरब के रियाद में हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय की जान चली गई।
- 13 मार्च को ओमान के सोहार शहर पर हुए ड्रोन हमले में दो भारतीयों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
- तीन भारतीय व्यापारिक जहाजों पर हुए ईरानी हमलों में मारे गए।
- पश्चिम एशिया में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं।