नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका बातचीत के अलावा सीजफायर पर इजराइल और लेबनान (Lebanon) के बीच भी वार्ता होने जा रही है। यह वार्ता मंगलवार को वाशिंगटन डीसी में होने जा रही है लेकिन इससे पहले इजराइल ने एक बड़ी शर्त रख दी है। इजराइल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह लेबनान के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है लेकिन वह हिज्बुल्ला के साथ बातचीत नहीं करेगा।
हिज्बुल्ला पर हमले कर रहा इजराइल
द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार अमेरिका में इजराइल के लीटर ने अपने एक बयान में कहा कि ‘वॉशिंगटन में आज पहले हुई बातचीत में, जिसमें वॉशिंगटन में इजराइल और लेबनान (Lebanon) के राजदूतों के साथ लेबनान में अमेरिकी राजदूत भी शामिल थे, और जो अमेरिकी विदेश विभाग के संरक्षण में हुई, इजराइल ने आने वाले मंगलवार से औपचारिक शांति वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘इजराइल ने हिज्बुल्ला आतंकवादी संगठन के साथ युद्धविराम पर चर्चा करने से इनकार कर दिया, जो लगातार इजराइल पर हमले कर रहा है और दोनों देशों के बीच शांति में मुख्य बाधा बना हुआ है।’
ताजा हमले मं 13 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बाद भी इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष जारी है। शुक्रवार को तेल अवीव और हिज्बुल्ला ने शुक्रवार को एक-दूसरे के खिलाफ हमले तेज कर दिए। दक्षिणी लेबनान में इजराइल के हवाई हमलों में लेबनान के कम से कम 13 सुरक्षा बलों के मारे जाने की खबर है। वहीं, हिजबुल्ला ने इजराइल के बंदरगाह शहर अशदोद में एक नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों पर हमले किए, जिनमें नबातीह शहर का एक सरकारी इमारत पर भी शामिल है। उस हमले में सुरक्षाकर्मी मारे गए।
ईरान चाहता है हिज्बुल्ला पर हमले रोके इजराइल
इस बीच, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत अगले सप्ताह वाशिंगटन में शुरू होने की उम्मीद है। इजराइल जहां कहता रहा है कि युद्धविराम में हिज्बुल्ला के साथ उसकी लड़ाई शामिल नहीं है, वहीं ईरान ने कहा है कि ऐसी स्थिति में युद्धविराम लागू नहीं रह पाएगा। जिस दिन युद्धविराम की घोषणा हुई, उसी दिन इज़राइल ने बेरूत पर हवाई हमले किए, जिसमें लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 300 से अधिक लोग मारे गए। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि हिजबुल्ला पर इजराइल के लगातार हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
युद्धविराम लागू होने के बाद से केवल 12 जहाज गुजरे
इस बीच, नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने हिजबुल्ला आतंकवादियों को निरस्त्र करने और पड़ोसी देशों के बीच संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से लेबनान के साथ ‘जल्द से जल्द’ बातचीत पर सहमति दी है। इजराइल द्वारा लेबनान के साथ सीधी बातचीत की घोषणा किए जाने के बाद जारी पहले बयान में, हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने लेबनानी अधिकारियों से ‘मुफ्त रियायतें’ बंद करने का आग्रह किया, लेकिन बातचीत पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, शेयर बाजार में गिरावट आई है और विश्व अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है। जलमार्ग पर तेहरान का नियंत्रण युद्ध में उसका सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ साबित हुआ है। संघर्ष से पहले, प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरते थे। युद्धविराम लागू होने के बाद से, केवल 12 जहाज ही यहां से गुजर पाए हैं।