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वोटिंग के बाद मशीन बदल सकते हैं, 24 घंटे रखो निगरानी; EVM पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, कहा- अगर मशीन खराब हो तो बदलवाओ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को चुनावी सभा में मतदाताओं से अपील की कि वे वोट के जरिए बदला लेने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई लोगों. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को चुनावी सभा में मतदाताओं से अपील की कि वे वोट के जरिए बदला लेने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने भवानीपुर में एक रैली में अपनी कार्यकर्ताओं से ईवीएम की निगरानी करने के लिए कहा है।
रविवार को समसेरगंज में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं, वे ट्रिब्यूनल में अपील करें और मतदान के जरिए इसका जवाब दें। उन्होंने कहा, ऐसा वोट करें कि नतीजे ही बता दें कि नाम हटाने की राजनीति स्वीकार नहीं है। ममता बनर्जी ने बिना नाम लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे उनकी भूमिका है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, अगर हिम्मत है तो सीधे मुकाबला करें।

चुनावी सतर्कता और ईवीएम पर बयान

मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 4 मई तक पूरी सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कुछ जगहों पर ईवीएम मशीनें खराब कराई जा सकती हैं। ऐसे में उन्होंने निर्देश दिया कि मशीनों की मरम्मत न होने दें, बल्कि उन्हें बदलने की मांग करें। ममता बनर्जी ने कहा, “सभी ईवीएम मशीनों की अच्छी तरह से जांच करें। बूथ एजेंटों को भी ईवीएम की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए… मुझे उनकी योजना पता है… वोटिंग के बाद, सीआरपीएफ और केंद्रीय बलों की निगरानी में, वे अंदर जाकर मशीन बदल सकते हैं, इसलिए हमें 24 घंटे निगरानी रखनी होगी। आपको ध्यान से देखना होगा कि वे ईवीएम को हैक न कर लें।

वक्फ कानून और हिंसा का जिक्र

मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज, जो 2025 में वक्फ बिल के विरोध में हिंसा का केंद्र रहा था, वहां ममता ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा की है। उन्होंने भाजपा पर उनके खिलाफ झूठ फैलाने का आरोप लगाया।

चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर के नाम पर कुछ लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और कुछ को डराया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव वाली मतदाता सूची से ही विधानसभा चुनाव क्यों नहीं कराए जा सकते थे। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि उनकी सरकार एनआरसी के नाम पर किसी भी तरह के डिटेंशन सेंटर नहीं बनने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उनके खिलाफ बदले की राजनीति की जा रही है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

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