सिलिगुड़ी। पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी सिलिगुड़ी में आये हुए है । बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरते ही अधिकारी आज सीधे सिलीगुड़ी की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट की चमकदार सितारा रिचा घोष के घर पहुँच गए। पिछली रात ही रिचा अपने परिवार के साथ शहर लौटी है, इसलिए सुबह से ही इलाके में उत्साह का माहौल देखने को मिला रहा है ।
साथ में थे संसद सहित कई दिग्गज नेता
करीब साढ़े दस बजे शुभेंदु अधिकारी रिचा के घर पहुँचे। उनके साथ दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, सिलिगुड़ी के विधायक शंकर घोष, डाबग्राम-फूलबाड़ी की विधायक शिखा चटर्जी, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी के विधायक आनंदमय बर्मन और फांसिदेवा की विधायक दुर्गा मुर्मू समेत बीजेपी के कई शीर्ष नेता उपस्थित थे।
घर में दाखिल होते ही उन्होंने रिचा के माता-पिता से सौजन्य मुलाकात की और लगभग पंद्रह मिनट बातचीत की। इसके बाद मुख्य कक्ष में आईं रिचा शांत, हंसते हुए, बिल्कुल सहज दिखी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की व्यस्तताओं के बावजूद घर के साधारण वातावरण में उनकी विनम्रता साफ झलक रही थी।
घर का माहौल बधाई समारोह में बदला
इसके बाद घर का माहौल बधाई समारोह में बदल गया। सोने के आभूषण, चांदी का भारत मानचित्र और एनजीओ ‘खोला हवा’ की ओर से पाँच लाख रुपये का चेक रिचा को भेंट किए गए । रिचा की माँ को भी शुभेंदु अधिकारी के हाथों फूलों का गुच्छा, मिठाई और ‘खादा’ भेंट किया गया।
रिचा की हल्की-फुल्की मज़ाक से माहौल खुशनुमा हो उठा
इसी बीच रिचा की हल्की-फुल्की मज़ाक से माहौल और भी खुशनुमा हो उठा। मिठाई खिलाते समय उन्होंने हँसते हुए कहा, “मिठाई खाते हुए मेरी फोटो अगर कोच ने देख ली तो डाँट पड़ जाएगी! सोचेंगे सच में बहुत खा रही हूं।” उनकी इस बात पर सभी लोग ज़ोर से हँस पड़े। अंत में, चाहे रिचा ने मिठाई न खाई हो, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने उनके पिता को अपने हाथों से मिठाई खिलाई।
सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि भारत की भी गर्व है : अधिकारी
बातचीत के दौरान शुभेंदु अधिकारी रिचा की तारीफ़ करते नहीं थके। उन्होंने कहा, “रिचा सचमुच बंगाल की बेटी है, लक्ष्मी जैसी। उसका व्यवहार, सौजन्यता, सबकुछ अनुकरणीय है।” वह सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि भारत की भी गर्व है
उन्होंने यह भी बताया कि रिचा के खाना बनाने में भी माहिर होने की बात सुनकर वे काफी खुश हुए।
संक्षिप्त मुलाक़ात के बावजूद रिचा घोष के घर की यह सुबह बन गई गर्मजोशी, सम्मान और खुशी से भरी एक यादगार घड़ी रही। एक शीर्ष राजनीतिक नेता और देश की उभरती क्रिकेट स्टार की यह भेंट सिलिगुड़ी की साधारण शनिवार सुबह को खास बना गई।