सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी नगर निगम के बोर्ड बैठक शहर में बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट लगाने की अनुमति को लेकर विवाद देखने को मिला। विपक्ष के कड़े विरोध के बाद नगर निगम ने दो बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट लगाने की अनुमति वापस ले ली है। हालांकि, सेवक रोड स्थित एक विवादित व्यावसायिक भवन में दो लिफ्ट लगाने की अनुमति दिए जाने से नए सवाल खड़े हो गए हैं।
लिफ्टआपात स्थितियों में मददगार : मेयर
मेयर गौतम देव ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि आपात स्थितियों जैसे आग लगने या भूकंप में लिफ्ट लोगों को बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकती है। बुजुर्गों के लिए भी लिफ्ट बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार शहर की आठ इमारतों में लिफ्ट लगाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन विपक्ष की आपत्ति के बाद दो इमारतों की अनुमति रद्द कर दी गई है।
आठ इमारतों में लिफ्ट लगाने के आवेदन मिले थे
दरअसल, पिछले महीने नगर निगम को शहर की आठ इमारतों में लिफ्ट लगाने के आवेदन मिले थे, जिन्हें बोर्ड बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया गया। सीपीएम पार्षद मुंशी नुरुल इस्लाम ने सेवक मोड़ के पास स्थित दो इमारतों के नवीनीकरण को पूरी तरह अवैध बताते हुए सवाल उठाया कि ऐसे में वहां लिफ्ट लगाने की अनुमति किस कानून के तहत दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाम दल इस फैसले का समर्थन नहीं करता।
मेयर ने कहा कि यदि किसी एक पार्षद ने भी आपत्ति जताई है, तो उन इमारतों में लिफ्ट की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद दो इमारतों की अनुमति रद्द कर दी गई।
पुराने व्यावसायिक भवन में अनुमति दिए जाने को लेकर विवाद
हालांकि, हिलकार्ट रोड के सेवक मोड़ क्षेत्र में स्थित एक पुराने व्यावसायिक भवन में दो लिफ्ट लगाने की अनुमति दिए जाने को लेकर विवाद बना हुआ है। इस भवन के नवीनीकरण को लेकर लंबे समय से अवैध निर्माण के आरोप लगते रहे हैं। नगर निगम के इंजीनियरों की जांच के बाद पहले निर्माण कार्य रोका गया था और कुछ अवैध हिस्सों को तोड़ा भी गया था, इसके बावजूद अब लिफ्ट की अनुमति दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय निवासी आनंद बंसल ने कहा कि यह भवन पूरी तरह अवैध है और इस मामले में हाईकोर्ट की सर्किट बेंच में केस चल रहा है। इसके बावजूद अनुमति दिया जाना चिंताजनक है।
विपक्ष ने उठाये सवाल
कांग्रेस पार्षद सुजय घटक ने भी बोर्ड बैठक में सवाल उठाया कि कई दुकानों, रेस्टोरेंट और बार वाले इस व्यावसायिक भवन को लिफ्ट की अनुमति कैसे दी गई, जबकि इसके निर्माण को लेकर पहले से कई शिकायतें हैं। वहीं, बोर्ड बैठक के दौरान अन्य मुद्दों पर भी हंगामा देखने को मिला। सीपीएम पार्षद शरदिंदु चक्रवर्ती ने मेयर से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर बोलने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष ने उन्हें रोक दिया। इसके अलावा मेयर परिषद सदस्य दिलीप बर्मन की अनुपस्थिति को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। मेयर ने जवाब दिया कि संबंधित विभाग में सभी कामकाज सामान्य रूप से चल रहे हैं।