डेस्क । नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 दिसंबर, 2025 को 27 वर्षों की लंबी और शानदार सेवा के बाद नासा से सेवानिवृत्ति ले ली। उनके करियर की शुरुआत 2006 में हुई थी, जब उन्होंने एसटीएस-116 मिशन के तहत स्पेस शटल डिस्कवरी से अपनी पहली उड़ान भरी। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तीन मिशन पूरे किए और कई अंतरिक्ष रिकॉर्ड बनाए, जिनमें लंबी अवधि तक अंतरिक्ष में रहने और स्पेसवॉक शामिल हैं।
नासा के अधिकारियों और उनके सहकर्मियों के अनुसार, विलियम्स ने न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान और मिशनों में अहम योगदान दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और नेतृत्व का भी उदाहरण स्थापित किया। उनका करियर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिला अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना।
अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली महिला
सुनीता विलियम्स ने अपने करियर में कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो किसी अमेरिकी महिला के लिए अब तक का सबसे अधिक समय है। उन्होंने कुल नौ स्पेसवॉक पूरे किए, जिनका कुल समय 62 घंटे और 6 मिनट था, जो किसी महिला द्वारा अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड है। इसके अलावा, वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली महिला भी बनीं। उनके ये कारनामे न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए खास हैं, बल्कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में नए मानक स्थापित करने वाले उदाहरण भी हैं।
USA से ली ग्रेजुएट और मास्टर्स की डिग्री
सुनीता विलियम्स ने संयुक्त राज्य नौसेना अकादमी से भौतिक विज्ञान में स्नातक और फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की। उन्होंने नौसेना में कई तरह के विमानों में उड़ान भरी और 4,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव अर्जित किया। विलियम्स कहती हैं कि अंतरिक्ष उनकी सबसे पसंदीदा जगह है और नासा में उनका 27 साल का करियर उनके लिए बेहद खास और यादगार अनुभव रहा। उनके अनुसार, अंतरिक्ष और विज्ञान की दुनिया में योगदान करना उनके जीवन का सबसे बड़ा गर्व रहा।
बोइंग और स्पेसएक्स मिशनों में अहम भूमिका
विलियम्स ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा 2006 में एसटीएस-116 मिशन से शुरू की और इसके बाद एसटीएस-117 मिशन में भी उड़ान भरी। इसके बाद उन्होंने एक्सपेडिशन 14/15 मिशन में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में काम किया और चार स्पेसवॉक पूरे किए। 2012 में एक्सपेडिशन 32/33 मिशन के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभाली और मिशन के अहम कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। हाल ही में, उन्होंने बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशनों में भाग लिया, जहां उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन संचालन और टीम नेतृत्व में अहम भूमिका निभाई।
STS-116 (2006): स्पेस शटल डिस्कवरी, पहली उड़ान
STS-117: स्पेस शटल अटलांटिस
एक्सपेडिशन 14/15: फ्लाइट इंजीनियर, 4 स्पेसवॉक
एक्सपेडिशन 32/33 (2012): कमांडर, 127 दिन का मिशन, स्टेशन रेडिएटर की मरम्मत और सौर पैनल कार्य
बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट (2024) और स्पेसएक्स क्रू-9 (2025): एक्सपेडिशन 71/72 में शामिल, 2 स्पेसवॉक