डेस्क। प्यार न उम्र देखता है, न जात‑पात और कभी‑कभी तो यह पढ़ाई‑लिखाई की दीवारें भी लांघ जाता है। चंडी में सामने आई यह कहानी बिल्कुल वैसी ही है, जहां ग्रेजुएट युवती ने समाज की परवाह किए बिना पांचवीं पास प्रेमी को जीवनसाथी चुन लिया। परिवार के सपनों, समाज की बंदिशों और भविष्य की चिंताओं को पीछे छोड़कर युवती मुंबई से बिहार के एक छोटे से गांव तक अकेली पहुंच गई। तीन दिन की लंबी ट्रेन यात्रा, मोबाइल लोकेशन के सहारे प्रेमी का घर ढूंढना और पहुंचते ही मंदिर में शादी, यह पूरी कहानी किसी फिल्मी प्लॉट से कम नहीं लगती है, लेकिन जैसे ही यूपी में दर्ज केस की जानकारी चंडी पुलिस को मिली, प्रेमी‑युगल की यह लवस्टोरी अचानक कानूनी पेचिदगियों में उलझ गई।
मंदिर में की शादी
मुंबई से निकलकर बिहार के चंडी थाना क्षेत्र के मोसिमपुर गांव पहुंची सपना कुमारी ने यहां अपने प्रेमी मनीष कुमार से मंदिर में शादी कर ली. सपना उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बदलापुर थाना क्षेत्र के निवासी रंजय यादव की बेटी है। करीब 15 दिन पहले वह घर से निकलकर अपने प्रेमी के पास पहुंची थी और दोनों पति‑पत्नी की तरह रह रहे थे। हालांकि इसकी जानकारी मिलते ही सपना के पिता ने यूपी के बदलापुर थाने में केस दर्ज करा दिया, जिसके आधार पर सोमवार को चंडी पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
3 महीने की पहचान प्यार में बदली
मनीष की पढ़ाई सिर्फ पांचवीं तक हुई है और वह मुंबई में मजदूरी करता था। वहीं सपना ग्रेजुएट है और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करती थी। दोनों के कमरे मुंबई में पास‑पास थे और इसी दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। करीब तीन महीने की पहचान प्यार में बदल गई। दो महीने पहले मनीष अचानक गांव लौट आया तो सपना का उससे फोन पर संपर्क बना रहा।
इस बीच सपना के घरवालों को दोनों के संबंधों की भनक लग गई और उन्होंने सपना की शादी दूसरी जगह तय कर दी। परिवार के इस फैसले से नाराज युवती ने घरवालों से अपने प्रेमी से शादी की इच्छा जताई, लेकिन जब परिजन नहीं माने तो करीब 15 दिन पहले वह अकेले ही मुंबई से निकल पड़ी। तीन दिन की ट्रेन यात्रा के बाद और प्रेमी द्वारा भेजी गई मोबाइल लोकेशन के सहारे वह सीधे मोसिमपुर गांव पहुंची और यहां दोनों ने जगदंबा स्थान में शादी रचा ली।