तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले में मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार सुबह हमले में खामेनेई मारे गए। वहीं अब अपने नेता की मौत के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने बदले की चेतावनी दी है।
विनाशकारी सैन्य अभियान की घोषणा
ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाईइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि वह इस्लामी गणराज्य के इतिहास का सबसे तीव्र और विनाशकारी सैन्य अभियान शुरू करने जा रही है, जो इस्राइल और अमेरिका के मध्य पूर्व में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाएगा। यह जानकारी ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी के एक बयान के पर प्रकाशित की है।
अमेरिकी ठिकानों पर बरसाएंगे बम
आईआरजीसी ने कहा है कि यह ऑपरेशन ‘कुछ ही पलों में’ शुरू होगा और इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी व इस्राइली सैन्य प्रतिष्ठान और अन्य महत्वपूर्ण ठिकाने होंगे। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक आईआरजीसी ने खामेनेई की मौत पर कहा है कि हमने एक महान लीडर खो दिया है और हम उनके लिए दुख मनाते हैं। बयान में कहा गया कि आईआरजीसी घरेलू और विदेशी साजिशों का डटकर सामना करेगा। जिससे साफ हो गया कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान चुप नहीं बैठेगा।
कमांडर-इन-चीफ की भी मौत, खामेनेई की बेटी और पोते की मारे
ईरान सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी और IRGC के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर को तेहरान पर अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों में मार दिए जाने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं। ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की बेटी, पोते, बहू और दामाद इस्राइल-अमेरिकी हमलों में मारे गए हैं।
40 दिन का शोक घोषित
ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक खामेनेई की मौत के बाद देश भर में सात दिनों का सार्वजनिक अवकाश और 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है।
खामेनेई की मौत न्याय है- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खामेनेई, जो इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक था, अब मृत है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निष्क्रिय करने के लिए जारी हमले को सही ठहराया और यह भी चेतावनी दी कि हमले सप्ताह भर जारी रहेंगे।