पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पिछले दो दिनों से वैकुंठपुर वन विभाग के लगभग 200 अस्थायी वनकर्मी धरने पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन सिलीगुड़ी के समीप जाबराभिटा स्थित वैकुंठपुर वन विभाग के कार्यालय परिसर में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, विभाग के अंतर्गत आने वाली कुल 8 रेंज के अस्थायी वनकर्मी इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं कि अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण, न्यायसंगत वेतन, समान कार्य के लिए समान वेतन और वेतन वृद्धि।
वनकर्मियों का आरोप है कि वे लंबे समय से स्थायी कर्मचारियों के समान कार्य कर रहे हैं, लेकिन वेतन और अन्य सुविधाओं के मामले में उन्हें वंचित रखा जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से अपनी मांगें रखने के बावजूद उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
धरने के दूसरे दिन भी वन विभाग का कोई अधिकारी उनसे मिलने या वार्ता के लिए नहीं पहुंचा, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। आंदोलन में शामिल एक वनकर्मी ने कहा, “हम वर्षों से जंगलों की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन हमारा भविष्य अब भी अनिश्चित है। हमारी मांगें तुरंत मानी जानी चाहिए।”
वनकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे वन विभाग के सभी कार्य ठप कर देंगे और आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। उनके इस रुख से विभागीय कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब प्रशासन की नजर इस बात पर टिकी है कि यह स्थिति आगे किस दिशा में जाती है।