डेस्क। इंटरनेट पर स्क्रॉलिंग करते समय कई बार ऐसे किस्से मिल जाते हैं तो वायरल तो होते हैं मगर उनको पढ़ने के बाद लोगों के होश उड़ जाते हैं। ऐसा ही एक किस्सा इन दिनों भी वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया है कि, 2017 में, टैंक के शौकीन निक मीड ने एक रूसी टी54/69 टैंक को 30,000 पाउंड यानी करीब 36 लाख 27 हजार रुपये में खरीदा था। जिसके अंदर गोल्ड का अनोखा खजाना मिला, जिसके बाद उनको पुलिस बुलानी पड़ गई।
टैंक में मिला खजाना
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, निक मीड का उद्देश्य टैंक को पुनर्स्थापित करना और अपने 150 सैन्य वाहनों के कलेक्शन में शामिल करना था। मैकेनिक टॉड चेम्बरलेन के साथ, दोनों ने डीजल टैंक को खोला, इस आशंका में कि उसमें गोला-बारूद हो सकता है जिसे नष्ट करने की आवश्यकता हो। तभी उनको अंदर 5 किलोग्राम तक के वजन वाली सोने की छड़ें मिलीं और मैकेनिक की कैलकुलेशन में उसकी कीमत लगभग 2 मिलियन पाउंड (27 करोड़ से 31 करोड़ रुपये के बीच) हो सकती है।
समझ नहीं आया तो बुलाई पुलिस
रिपोर्ट के मुताबिक, टॉड ने सन अखबार को बताया कि उनकी पहली प्रतिक्रिया पुलिस को बुलाने की थी। इसके बाद अधिकारियों ने सोना अपने कब्जे में ले लिया और उन लोगों को रसीद दे दी। उन्होंने कहा ‘हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। आप बिना सवाल पूछे पांच सोने की छड़ें कैश कन्वर्टर्स में नहीं ले जा सकते, इसलिए हमने पुलिस को बुलाया।’ निक ने आगे कहा, ‘भले ही मुझे सोना वापस न मिले, फिर भी मेरे पास मेरे खूबसूरत टैंक तो रहेंगे ही।’
कैसे आया टैंक में इतना सोना
रिपोर्ट्स में किए गए दावों के मुताबिक, निक ‘टैंक्स-ए-लॉट’ नामक सेवा का संचालन करते हैं, जो लोगों को बख्तरबंद वाहन चलाने की सुविधा देती है। वे बताते हैं कि, जिस रूसी टैंक में उन्हें सोना मिला वो टैंक एक सौदे का हिस्सा था। उस सौदे में निक को एक सेना के ट्रक में प्रशिक्षण लेना और ईबे पर एक विज्ञापन में देखने के बाद टैंक के लिए एक एबॉट ऑटोमेटिक बंदूक प्राप्त करना शामिल था। उनका और मैकेनिक टॉड का मानना है कि, टैंक पर कब्जा करने और उसे ब्रिटेन ले जाने से पहले 1990 के दशक में खाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत में इराकी सैनिकों द्वारा इसे लूटा गया था। कथित लुटेरों ने संभवत: फ्यूल टैंक में एक छेद कर उसमें अपना लूटा हुआ सामान भर दिया होगा।
(डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। यूनिवर्स टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। )