Delhi: On SIR, Congress leader Adhir Ranjan Chowdhury says, "I want to take a step ahead and say that while I support their concern, I believe that elections should not be held until even a single voter is left out of the voter list. Otherwise, the constitutional rights of the… pic.twitter.com/xMFcIlby0w
— IANS (@ians_india) March 2, 2026
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक ऐसी मांग कर दी है, जिसने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर कहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव फिलहाल रोक दिए जाएं, क्योंकि कुछ अहम मामले अभी भी विचाराधीन हैं और उनके बिना चुनाव कराना सही नहीं होगा।
चुनाव में हिस्सा लेना सभी सही वोटरों का कानूनी हक
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने न्यूज एजेंसी (आईएएनएस) से बात करते हुए कहा कि मतदान करना हर नागरिक का कानूनी अधिकार है, लेकिन बंगाल में अभी बड़ी समस्या है। लगभग 60 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट में ही नहीं हैं। इनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे अंडर एडजुडिकेशन कहा जाता है, यानी मामले अभी विचाराधीन हैं। अधीर रंजन चौधरी के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रक्रिया कब पूरी होगी।
उन्होंने कहा कि जब तक एक भी सही वोटर का नाम लिस्ट से बाहर है, तब तक चुनाव नहीं होने चाहिए। अगर ऐसी स्थिति में चुनाव हुए, तो लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा। इसलिए, जब तक अंतिम वोटर लिस्ट जारी नहीं हो जाती और सभी लंबित मामले हल नहीं होते, तब तक बंगाल में चुनाव रोकने चाहिए।
चुनाव के समय ही घुसपैठ की बात क्यों याद आती है?
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उठाए गए घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना है कि चुनाव के समय ही घुसपैठ की बात क्यों याद आती है? दशकों से इस पर चर्चा होती रही है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह मुद्दा गायब हो जाता है।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वे चुनाव का बहिष्कार नहीं कर रहे, बल्कि मांग कर रहे हैं कि चुनाव आयोग पहले लोगों के अधिकार सुरक्षित करे। उनके अनुसार, अभी जिस तरह चुनाव आयोग काम कर रहा है, उससे आम लोगों के अधिकारों को नुकसान पहुंच रहा है।