यूनिवर्सटीवी डेस्क। कहते हैं कि किस्मत और समय कब किसका कहां पलट जाए। ये कोई नहीं जानता है। ऐसी ही कुछ 11 साल के मासूम शाहजेब की कहानी है। जो कि पिरान कलियर क्षेत्र में भीख मांगने को मजबूर था। लेकिन जब मासूम की सच्चाई सामने आई तो वह चंद सेकेंड में करोड़पति बन गया।
कहानी फिल्मी लग रही है, लेकिन ये सच
इस मासूम की कोई लॉटरी नहीं निकली। बल्कि ये जन्म से ही इन सब का हकदार था। लेकिन वक्त ने मासूम को भीख मांगने को मजबूर कर दिया है। ये कहानी फिल्मी लग रही है, लेकिन ये सच है।
दर दर भटकने को मजबूर शाहजेब
उत्तरप्रदेश के सहारनपुर के गांव पंडोली में मोहम्मद नावेद और इमराना का बेटा शाहजेब है। मोहम्मद नावेद की मौत के बाद 2019 में इमराना मायके यमुनानगर चली गई। तब शाहजेब की उम्र करीब 6 साल थी। जो कि नागल में डीपीएस स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। इमराना शाहजेब को लेकर कलियर आ गई। इस बीच दादा मोहम्मद याकूब भी चल बसे। कोरोना में शाहजेब की मां इमराना का निधन हो गया। जिसके बाद शाहजेब अकेला हो गया। और दर दर भटकने को मजबूर हो गया।
परिजनों ने तलाशने के लिए सोशल मीडिया में फोटो वायरल की
शाहजेब किसी तरह भीख मांगकर इधर उधर छोटे काम कर अपना पेट पालता रहा। इस बीच परिजनों ने शाहजेब को तलाशने के लिए सोशल मीडिया में फोटो वायरल की और शाहजेब के बारे में बताने वाले को इनाम देने की घोषणा की।
शाहजेब के नाम गांव में पुश्तैनी मकान और 5 बीघा जमीन है
जियारत पर कलियर आए एक व्यक्ति ने उसे देखा और जानकारी जुटाई। जिसके बाद परिजनों को इसकी सूचना दी। शाहजेब के सबसे छोटे दादा शाहआलम ने पोते को अपने साथ ले आए हैं। शाहजेब के दादा ने अपनी जमीनें पोते का नाम की हुई है। जिस पर उसका मालिकाना हक है। शाहजेब के नाम गांव में पुश्तैनी मकान और 5 बीघा जमीन है।
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