जलपाईगुड़ी। जलपाईगुड़ी में हाईकोर्ट के सर्किट बेंच के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकतंत्र, संविधान और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “गणतंत्र, संविधान और न्याय व्यवस्था को बचाना आज सबसे बड़ी ज़रूरत है।”
मुख्यमंत्री ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र की आपत्तियों के बावजूद राज्य सरकार ने न्यायिक ढांचे को मज़बूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया, “केंद्र ने आपत्ति जताई थी, फिर भी हमने राज्य में 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए। न्याय में देरी को कम करना हमारी प्राथमिकता है।”
केंद्र और केंद्रीय एजेंसियों पर इशारों में निशाना
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने संकेतों में केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को किसी भी तरह के दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए।
उत्तर बंगाल के लिए ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलपाईगुड़ी में हाईकोर्ट का सर्किट बेंच खुलने से उत्तर बंगाल के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब नागरिकों को न्याय के लिए कोलकाता नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय, पैसा और श्रम—तीनों की बचत होगी।
न्याय तक आसान पहुंच पर ज़ोर
उन्होंने कहा कि आम लोगों, विशेषकर ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के लिए न्याय तक आसान और सुलभ पहुंच राज्य सरकार का लक्ष्य है। फास्ट ट्रैक कोर्ट और सर्किट बेंच इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं।
उद्घाटन समारोह में न्यायपालिका, प्रशासन और कानून जगत से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। यह आयोजन उत्तर बंगाल के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।