ई दिल्ली। देश की सत्ता का केंद्र अब एक नए पते से पहचाना जाएगा। दशकों से साउथ ब्लॉक से संचालित होने वाला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) जल्द ही सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नवनिर्मित सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित होने जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर यानी 14 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए कार्यालय में कार्यभार संभाल सकते हैं।
बदलाव बेहद ऐतिहासिक
यह बदलाव बेहद ऐतिहासिक है, क्योंकि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल से ही पीएमओ साउथ ब्लॉक की प्रतिष्ठित इमारत से काम करता आ रहा है। दारा शिकोह रोड पर स्थित सेवा तीर्थ को आधुनिक सुरक्षा मानकों और अत्याधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण लार्सन एंड टर्बो कंपनी द्वारा किया गया है, जिसे साल 2022 में इस परियोजना का अनुबंध मिला था।सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में केवल पीएमओ ही नहीं, बल्कि कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय की भी अलग-अलग इमारतें होंगी। जानकारी के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय पिछले साल सितंबर में ही इस परिसर में शिफ्ट हो चुका है, जो पहले राष्ट्रपति भवन परिसर से संचालित होता था। वहीं, सरदार पटेल भवन से चलने वाला एनएससीएस भी जल्द ही यहां स्थानांतरित हो जाएगा। तीनों महत्वपूर्ण विभागों का एक ही परिसर में होना प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
भारतीय शासन व्यवस्था के एक नए युग की शुरुआत
नाम बदलने और प्रतीकों को नया स्वरूप देने की कड़ी में यह एक और बड़ा कदम है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2016 में अपने आवास रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया था। इसके बाद राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ और केंद्रीय सचिवालय के नए परिसरों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया था। अब साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ की ओर कदम बढ़ाना भारतीय शासन व्यवस्था के एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।