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बंगाल और बिहार काटकर बनेगा नया केंद्र शासित प्रदेश ? सीएम ममता से लेकर पप्पू यादव तक कर रहे हैं दवा, जाने हकीकत, केंद्र ने भी दिया जवाब

डेस्क। देश की राजनितिक पार्टियां दवा कर रहीं है कि बिहार के सीमांचल इलाके को पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के साथ मिलकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के एक बयान. . .

डेस्क। देश की राजनितिक पार्टियां दवा कर रहीं है कि बिहार के सीमांचल इलाके को पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के साथ मिलकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के एक बयान दिया था कि बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की तैयारी हो रही है। आरजेडी के प्रधान महासचिव और विधायक रणविजय साहू भी यह दवा कर चुके हैं। इन अटकलों को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने और हवा दे दिया।
इधर “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बिहार के सीमांचल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने बिहार के बड़े अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक की। इसके बाद इस बात की अटकलें लगने लगी कि बिहार के कुछ जिलों और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों के मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है।

अटकलों को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया हवा

इन अटकलों को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने और हवा दे दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) बंगाल को बांटने की कोशिश कर रही है। इन अटकलों पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। इसे महज एक अफवाह करार दिया।

सिर्फ अफवाह, भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

आपको बता दें कि अटकलों में दावा किया जा रहा है कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया) और पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों (मालदा, उत्तर दिनाजपुर और सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को जोड़कर एक नया प्रशासनिक केंद्र बनाया जाएगा। पीआईबी का कहना है कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह पूरी तरह से एक अफवाह है। गृह मंत्रालय (MHA) या किसी भी आधिकारिक संस्था ने इस तरह की किसी योजना की पुष्टि नहीं की है।

सरकार की सलाह

सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसी अपुष्ट और संवेदनशील खबरों को साझा न करें जो क्षेत्रीय भावनाओं या राजनीतिक तनाव को भड़का सकती हैं।

अफवाह क्यों फैली?

यह अफवाह तब और तेज हो गई जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमांचल और उत्तर बंगाल का दौरा किया। गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ और ड्रग तस्करी रोकने के लिए बैठकें की थीं। वहीं, भारतीय सेना ने हाल ही में सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए किशनगंज (बिहार) और पश्चिम बंगाल में नई चौकियां स्थापित की हैं।
विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने इन सुरक्षा कदमों को नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी के रूप में प्रचारित किया, जिसका सरकार ने अब खंडन कर दिया है।आपको बता दें कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में स्थित भूमि की एक संकीर्ण पट्टी (20-22 किमी चौड़ी) है जो मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ती है। यह रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। सरकार यहां एक अंडरग्राउंड रेलवे प्रोजेक्ट (40 किमी) बनाने की योजना जरूर बना रही है ताकि युद्ध या आपदा के समय पूर्वोत्तर से संपर्क न टूटे, लेकिन इसके लिए किसी भौगोलिक या प्रशासनिक बदलाव का कोई इरादा नहीं है।”

पप्पू यादव का दावा

कल ही पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया था कि बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की तैयारी की जा रही है। पप्पू यादव ने पहले इसको लेकर सोशल मीडिया पोस्ट किया फिर मीडिया से बातचीत में यही बात दोहराई थी। उन्होंने दावा किया कि सीमांचल के कुछ जिलों को पश्चिम बंगाल के जिलों को साथ मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बनाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने इसे बिहार के संभावित बंटवारे से जोड़ते हुए कड़ा विरोध भी जताया। पप्पू यादव के इस बयान के बाद सीमांचल और बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।

ट्वीट में लगाया गंभीर आरोप

पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा करते हुए कहा कि इसके पीछे केंद्र की राजनीतिक योजना काम कर रही है। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया संघ शासित क्षेत्र बनाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो वह स कदम का विरोध करेंगे। पप्पू यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर और बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित करा कर सीमांचल के जिलों को पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद, रायगंज और दिनाजपुर जैसे इलाकों के साथ मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बनाने की योजना बनाई जा रही है। उनके अनुसार यह कदम राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव के नाम पर उठाया जा सकता है. पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बिहार में हाल के दिनों में जो राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए हैं, वे भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन अब साफ है कि यह सिर्फ अफवाह है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

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